देहरादून पुलिस मुकदमों को किस शिद्दत से सुलझाती है, एक कार चोरी के पीड़ित के साथ हुए वाकये से समझा जा सकता है।
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कार चोरी का मुकदमा लिखाने पहुंचे पीड़ित से डालनवाला पुलिस ने पहले अपनी सहूलियत के हिसाब से तहरीर लिखवाई, फिर घटनास्थल में फेरबदल करा दिया। इस पर भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पीड़ित अब तक भटक रहा है।
पूछताछ की, मगर कार्रवाई नहीं
विद्युत विभाग के कर्मचारी आशीष कुमार पुत्र प्रेमचंद निवासी आर्यनगर के मुताबिक वह 16 नवंबर की रात को राजपुर रोड स्थित एक होटल में परिचितों की शादी में शामिल होने गए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी कार को होटल की पार्किंग में खड़ा किया।
डिनर के बाद वह कार लेने गए तो कार पार्किंग से गायब थी। इस बात की जानकारी उन्होंने होटल प्रबंधक समेत पुलिस कंट्रोल रूम को दी। सूचना पर हाथीबड़कला चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची। पूछताछ की, मगर कार्रवाई नहीं।
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जब वादी इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने थाने पहुंचा तो वहां पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने से इंकार कर दिया। इसके लिए फिर से मनमर्जी की तहरीर लिखने का दबाव डाला।
महत्वपूर्ण तथ्य बदल दिये गये
आरोप है कि तहरीर में दो महत्वपूर्ण तथ्य बदल दिये गये। चोरी का घटनास्थल होटल की पार्किंग की जगह सड़क किनारे दिखा दिया। साथ ही, सूचना के बाद चौकी इंचार्ज के मौके पर पहुंचने की बात भी हटवा दी। पर बदलाव के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
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