फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वॉल्वो बस से लैपटॉप चुराने वाले सात चोर गिरफ्तार, चोरी का तरीका जानकर पुलिस भी हैरान

Fri, 05 Jul 2019 10:17 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
चोरों के बारे में खुलासा करतीं एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

देहरादून पुलिस ने दिल्ली, जयपुर और आगरा रूट पर वॉल्वो बसों से लैपटॉप चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। चोरी के तरीके से पुलिस भी हैरान है। गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी के 43 लैपटॉप बरामद करने का दावा किया है।

विज्ञापन


आरोपी बसों में लैपटॉप चोरी करने के बाद बैग में टाइल्स रख देते थे, जिससे यात्री को लैपटॉप चोरी होने का अहसास तक नहीं हो पाता था। यूपी, दिल्ली और राजस्थान के ये आरोपी काफी समय से इस अपराध में सक्रिय थे।  

दून-दिल्ली रूट पर सक्रिय लैपटॉप चोरी गैंग काफी समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना था। हाल में ही आईटीबीपी के डीआईजी समेत तीन यात्रियों के लैपटॉप चोरी कर पुलिस को चुनौती दी थी।
विज्ञापन


एसएसपी ने एसपी सिटी श्वेता चौबे की अगुवाई में लैपटॉप गैंग की धरपकड़ को टीम गठित की थी। पटेलनगर कोतवाली पुलिस की टीमें कई दिन से दिल्ली और यूपी के मुरादाबाद और बिजनौर में दबिशें दें रही थी।

डीआईजी का लैपटॉप भी लगा चुके ठिकाने

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने बृहस्पतिवार को मीडिया को लैपटॉप गैंग को दबोचने की जानकारी दी। उन्हाेंने बताया कि आईएसबीटी के अलावा कई इलाकों से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर साक्ष्यों का संकलन कर तीन जुलाई को आईएसबीटी के पास से दो युवकों को पकड़कर चुराए गए चार लैपटॉप बरामद किए।

पूछताछ में पता चला कि उनके पांच साथी पांवटा साहिब में हैं। पटेलनगर कोतवाल सूर्यभूषण नेगी पकड़े गए दोनों चोरों को साथ लेकर पांवटा साहिब गए, जहां से पांच युवकों को पकड़ लिया गया, जिनके पास से करीब 39 लैपटॉप बरामद हुए। 

एसएसपी ने बताया कि बरामद लैपटॉप, देहरादून, जयपुर, आगरा आदि रूटों से चुराए गए हैं। बरामद लैपटॉप में से दो देहरादून की घटना से जुड़े हैं। आईटीबीपी के डीआईजी के बाहर होने के कारण अभी उनके लैपटॉप के बारे में जानकारी नहीं हो पाई है।

अन्य लैपटॉप के मालिकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। यूपी, दिल्ली और राजस्थान पुलिस को गिरोह की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दे दी गई है। इस दौरान एसपी सिटी श्वेता चौबे और सीओ सदर लोकजीत सिंह मौजूद रहे।  
विज्ञापन

आठ से दस हजार रुपये में बेचते थे लैपटॉप 

एसएसपी ने बताया कि अमरोहा का राजेंद्र गिरोह का सरगना है। राजेंद्र अपने रिश्तेदार प्रमोद, अजहर और संजीव के साथ वॉल्वों बसों में लैपटॉप चोरी करते थे। जबकि अब्दुल सलीम, अलीम और जितेंद्र चोरी के लैपटॉप खरीदने का काम करते थे। यह लोग चोरी के लैपटॉप आठ से दस हजार रुपये में खरीदकर आगे अधिक दाम पर बेच देते थे।  

लैपटॉप चोरी में पकड़े गए आरोपी 
- राजेंद्र (32) व संजीव कुमार उर्फ  मोंटू (20) निवासी डयोटी, थाना बछरायू (अमरोहा)
- मोहम्मद अजहर (24 ) निवासी वारसी नगर आंशिक, थाना मुगलपुरा (मुरादाबाद)
- प्रमोद (23) निवासी अकाेंघा, थाना चांदपुर (बिजनौर) 
- जितेंद्र निवासी बुढानपुर माफी थाना नौगांवा सादात (अमरोहा) 
- अब्दुल सलीम (32) निवासी वार्ड नंबर 22, थाना भादरा जिला हनुमानगढ़ (राजस्थान)
- मोहम्मद सलीम निवासी चुचैला कलां थाना धनौरा (अमरोहा, हाल निवासी जामिया नगर नई दिल्ली) 
 
यात्री बनकर करते थे चोरी
एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि आरोपी दिल्ली कश्मीरी गेट स्थित आईएसबीटी से रात में दिल्ली, देहरादून, चंडीगढ़, हल्द्वानी, जयपुर और आगरा जाने वाली बसों में यात्री बनकर बैठ जाते थे। आरोपी हर रूट पर दो-दो की टीम में चलते थे। रात का सफर होने के कारण काफी यात्री सो जाते हैं। इसी का फायदा उठाकर आरोपी बैग से लैपटॉप उड़ाकर उसमें टाइल्स रख देते थे, ताकि यात्री को बैग का वजन कम होने का अहसास न हो। लैपटॉप चोरी करने के बाद आरोपी रास्ते अथवा बस स्टैंड से पहले उतर जाते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें