मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ को बुलाया गया। टीम ने टेलीटेक्टर, अलसाइन मॉनीटर और मिनी रैड बीटा इंटरनल उपकरणों से जांच की और इसमें रेडियो एक्टिव तत्व होने की आशंका जताई। पता चला कि इस उपकरण का प्रयोग बड़ी-बड़ी पाइपलाइन में लीकेज आदि की जांच में किया जाता है। ऐसे उपकरणों का निर्माण भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (बीएआरसी) में किया जाता है। बीएआरसी को ईमेल से सूचना दी गई तो सेंटर के निर्देश पर नरौरा स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र की रेडिएशन इमरजेंसी रिस्पांस टीम शुक्रवार को मौके पर पहुंची।
टीम ने चार घंटे तक जांच की और बताया कि इसमें रेडियोएक्टिव पदार्थ नहीं है। हालांकि, इसमें कुछ अन्य रसायन होने की जानकारी दी गई। एसएसपी ने बताया कि अब इसे अगली जांच के लिए बीएआरसी भेजने की सिफारिश टीम ने की है। मौके से पांचों लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है।
ये लोग हुए गिरफ्तार
सुमित पाठक निवासी विजयनगर आगरा, तबरेज आलम निवासी रिढी ताजपुर बेहट जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश, सरवर हुसैन निवासी उत्तमनगर रनौला नई दिल्ली, जैद अली निवासी बड़ोवाली मस्जिद जहांगीराबाद भोपाल और अभिषेक जैन निवासी टॉप रेजिडेंसी करोल भोपाल मध्य प्रदेश।
सहारनपुर के राशिद से खरीदा था उपकरण
आरोपियों ने बताया कि उपकरण तबरेज आलम ने 10 महीने पहले सहारनपुर निवासी राशिद से खरीदा था। अब आगरा निवासी सुमित पाठक से इसकी खरीद-फरोख्त की बात चल रही थी। एसएसपी ने बताया कि इसमें दिल्ली और फरीदाबाद के कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। इनके संबंध में जानकारी की जा रही है। फिलहाल, इस उपकरण से किसी प्रकार के खतरे की बात नहीं बताई जा रही है।