आरोप है इस पर चालक ने मरीज और तीमारदारों को मसूरी मार्ग पर जंगल वाले क्षेत्र में छोड़ दिया। जबकि इनमें महिलाएं भी शामिल थी। किसी तरह परिजन मरीज को लेकर पथरिया पीर स्थित अपने घर लेकर पहुंचे। शनिवार दोपहर फिर हालत खराब होने पर परिजन अंशु को लेकर दून अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। सरकारी सिस्टम से नाराजगी जताते हुए परिजनों और क्षेत्रवासियों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। लोग इससे नाराज थे कि पीड़ितों को इलाज भी नहीं मिल पा रहा है। बाद में अस्पताल प्रबंधन ने 108 के माध्यम से अंशु को ऋषिकेश एम्स के लिए रेफर कर दिया है।
अस्पताल में आईसीयू न होने के कारण 108 से अंशु को ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया है। तीमारदार जिस एंबुलेंस चालक पर रात को बीच मार्ग में उतारने के आरोप लगा रहे हैं वह चालक दून अस्पताल का था या 108 या निजी एंबुलेंस थी, इसका पता नहीं चल पा रहा है। इसका पता लगाया जा रहा है।
- डॉ. केके टम्टा, अधीक्षक, राजकीय दून मेडिकल अस्पताल