राजधानी देहरादून से महज 10-12 किलोमीटर दूर है आमासारी गांव। राजधानी के इतने करीब होने के बाद भी यहां के लोगों को आजादी के 73 साल बाद सरकारी नल से पानी मिलेगा। जल जीवन मिशन के अंतर्गत यहां कल पेयजल लाइन के कार्य का शुभारंभ किया जाएगा। अभी तक यहां के लोग नदी के स्रोत के पानी का इस्तेमाल करते हैं।
आमासारी गांव पहले चालांग ग्राम पंचायत का हिस्सा था। चालांग ग्राम पंचायत अब नगर के क्षेत्र का हिस्सा बन चुकी है। जबकि आमासारी सेरा ग्राम पंचायत का हिस्सा बन गया है। यहां करीब 25 परिवार रहते हैं। आमासारी से लगभग एक किलोमीटर दूरी पर कैरवान गांव है। वहां सालों पहले सरकारी पेयजल लाइन है, लेकिन आमासारी ऐसा गांव है, जहां आज तक लोग नदी के स्रोत का पानी पी रहे हैं।
यहां आज तक कोई सरकारी पेयजल लाइन नहीं है। ऐसा नहीं कि यहां के जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए पहले कोई प्रयास न किए हों, कई प्रयासों के बाद भी यहां के लोग सरकारी पेयजल लाइन से वंचित रहे। अब यहां जल जीवन मिशन के तहत पेयजल लाइन स्वीकृत हुई है। जिसका सोमवार को शुभारंभ होना है। आजादी के बाद पेयजल लाइन बिछने से यहां के लोग काफी खुश है।
जल जीवन मिशन के तहत बिछाई जाएगी लाइन
प्रधानमंत्री के हर घर नल योजना के तहत यहां अब पानी की लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल संस्थान ने प्रस्ताव किया था। योजना के तहत स्रोत से यहां पानी पहुंचाया जाएगा। जिसे स्वीकृति मिल चुकी है। स्वीकृति मिलने के बाद आज विधायक मसूरी गणेश जोशी यहां पेयजल लाइन का निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे।
यहां के परिवार लंबे समय से पेयजल लाइन की मांग कर रहे थे। फिलहाल वह नदी के स्रोत के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई बार इस संबंध में जल संस्थान से पत्राचार किया, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली, लेकिन विधायक गणेश जोशी के प्रयास के बाद आज यहां के लोगों को घर तक नल के द्वारा पानी उपलब्ध होगा। जिससे लोग काफी खुश हैं।
- समीर पुंडीर, पूर्व प्रधान
यह खुशी की बात है कि आजादी के बाद यह पहली बार सरकारी पेयजल लाइन बिछेगी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है, उन्होंने ने ही हर घर नल का सपना देखा है। जिसका फायदा आमासारी सहित कई गांवों को मिल रहा है।
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गणेश जोशी, विधायक मसूरी