देहरादून में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए फर्जीवाड़ा कर बैंक से दो करोड़ रुपये का लोन लेने का मामला सामने आया है। फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद बैंक के शाखा प्रबंधक ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि इन्होंने फैक्ट्री की मशीनों की कीमत अधिक दर्शायी थी।
मुकदमा न्यायालय के आदेश पर राजपुर थाने में दर्ज किया गया है। सिंडीकेट बैंक जाखन के शाखा प्रबंधक आशुतोष ध्यानी के अनुसार गुरमीत कौर निवासी रुड़की ढंढेरा गांव में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाना चाहती थी। इसके लिए उन्होंने बैंक से 2.10 करोड़ रुपये का लोन लिया था। इसमें 1.50 करोड़ रुपये टर्म लोन और बाकी 60 लाख रुपये वर्किंग कैपिटल के रूप में लिया गया था।
इसके बाद उन्होंने मशीनों की खरीद के लिए बैंक से 1.20 करोड़ रुपये जारी कराए। लेकिन, बैंक ने जब स्थलीय निरीक्षण किया तो पाया कि वहां जो मशीनें हैं वह दर्शायी गई कीमत की आधी भी नहीं हैं। इसके बाद बैंक को पता चला कि उन्होंने इस फैक्ट्री के लिए जमीन के जो कागजात लगाए हैं, उनमें भी फर्जीवाड़ा है। यह जमीन तरनजीत सिंह की थी, जिसे उन्होंने अपनी पत्नी गुरमीत कौर को बेचना दिखाया था।
हरिद्वार रजिस्ट्रार ऑफिस से जांच कराई गई तो पता चला कि इसमें भी फर्जीवाड़ा किया गया है। वहां पर इसके दस्तावेज ही प्राप्त नहीं हुए। इस पूरे मामले में गुरमीत के पति और उनकी सास जसवंत कौर गारंटर के रूप में थे। फर्जीवाड़े में न्यायालय के आदेश पर राजपुर थाने में गुरमीत कौर, उनके पति तरनजीत सिंह और सास जसवंत कौर के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है।