दून में इस एक्ट के लिए विशेष अदालत
एडीजी ने बताया कि इस कानून के लिए एक विशेष अदालत भी बनाई गई है। पूरे प्रदेश के लिए इसी को नामित किया गया है। यानी रिमांड के लिए मुल्जिमों को देहरादून ही लाया जाएगा। पांच दिन पहले उत्तरकाशी में दिव्यांश ग्रुप के डायरेक्टरों पर इस कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। लेकिन, उत्तरकाशी कोर्ट ने इसमें मुल्जिमों की रिमांड नहीं दी थी। ऐसे में अब उन्हें देहरादून कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मुस्लिम फंड घोटाले में भी होगी कार्रवाई
ज्वालापुर, हरिद्वार में कबीर म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड (मुस्लिम फंड) ने भी धोखाधड़ी से धन इकट्ठा किया था। मामले में पुलिस ने संचालक अब्दुल रज्जाक, मसरूफ, नसीम उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार किया था। इनसे निवेशकों का 65 तोला सोना बरामद किया गया था। पिथौरागढ़ के थाना थल में भी प्रकाश उपाध्याय ने निर्मल वंग व रॉयल पैंथर कंपनी खोलकर इसी तरह एक करोड़ 30 लाख की धोखाधड़ी की। मुकदमा दर्ज कर उसके खिलाफ गैंगस्टर में कार्रवाई की गई। लगभग 42 लाख की संपत्ति जब्त की गई थी। अब इन दोनों मामलों में भी बड्स एक्ट की धाराएं जोड़ी जाएंगी।
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इन पर होगी नए कानून में कार्रवाई
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