कुछ लोग परीक्षा से पहले ही इसे रोकने में लगे थे, जो अब परिणाम निरस्त कराने का प्रयास कर रहे हैं। यदि ऐसा हुआ तो यह उनकी वर्षों की मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। परीक्षा को निरस्त न किया जाए और परिणाम शीघ्र जारी किए जाएं, ताकि उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
सचिव ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। सचिव से मिलने वालों में इशांत रौथाण, रामपाल सिंह, विनोद आजाद, उमेश कुमार, मोहित, धुरेंद्र, अर्जुन सिंह, मनेंद्र कुमार, शिवम आदि शामिल रहे।