राजधानी के डीएवी, डीबीएस, एसजीआरआर व एमकेपी समेत कई अन्य अशासकीय कॉलेजों में दाखिले पर छात्रों को ईडब्ल्यूएस (इकोनॉमिकल वीकर सेक्शन) आरक्षण का लाभ नहीं मिल सका है। नए सत्र की विभिन्न कोर्सों में प्रवेश प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आरक्षण से छात्र वंचित रहे। वहीं, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उन्हें एचएनबी गढ़वाल विवि व निदेशक स्तर से लिखित में कोई आदेश नहीं मिला, जिस कारण वे आरक्षण लागू नहीं कर पा रहे हैं।
दरअसल, केंद्र सरकार ने कोर्सों के दाखिले में ईडब्ल्यूएस श्रेणी की 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित की हैं। इसे प्रदेशभर में पिछले साल लागू कर दिया गया है। एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में यह आरक्षण लागू नहीं हो सका है। कॉलेज भी विवि स्तर पर लिखित में पत्र जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। इस बार भी दाखिले निकल चुके हैं, लेकिन कोई फैसला नहीं लिया जा सका। विवि व विभाग की उदासीनता का खामियाजा हजारों जरूरतमंद छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
इसलिए जरूरी है आरक्षण
डीएवी, डीबीएस, एसजीआरआर व एमकेपी पीजी कॉलेज में हजार से ज्यादा छात्रों को इस श्रेणी के दाखिलों में लाभ मिलेगा। इन आरक्षित सीटों का लाभ पर्वतीय जिलों से पढ़ने आने वाले छात्रों को मिल सकेगा। क्योंकि, डीएवी, डीबीएस, एसजीआरआर व एमकेपी कॉलेज में निर्धारित सीटों की तुलना में करीब 10 गुना ज्यादा छात्र आवेदन करते हैं। डीएवी कॉलेज के मुख्य नियंता मेजर डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, इससे पर्वतीय क्षेत्रों के कम अंक वाले छात्र मैरिट में स्थान नहीं बना पाते हैं। अन्य कॉलेजों में उन्हें महंगी फीस पर दाखिला लेना पड़ता है।
यूटीयू ने लागू किया आरक्षण
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने संबद्ध कॉलेजों में दाखिले में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू कर दिया है। विवि के कुलसचिव आरपी गुप्ता ने बताया कि कॉलेजों को कोर्सों में दाखिले में सबसे पहले ईडब्ल्यूएस आरक्षण के तहत सीटें भरने के सख्त निर्देश दिए हैं। कोई कॉलेज आरक्षण को लागू नहीं करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विवि व निदेशक स्तर पर लिखित में आदेश मिलना बाकी है। जैसे ही आदेश मिलेंगे, अगले सत्र से आरक्षण लागू कर दिया जाएगा।
-डॉ. अजय सक्सेना, प्राचार्य, डीएवी पीजी कॉलेज
कॉलेज को किसी प्रकार का लिखित में पत्र नहीं मिला है। इस कारण दाखिले में आरक्षण के तहत अलग से दस प्रतिशत सीटों की व्यवस्था करना संभव नहीं है। इस सत्र में भी दाखिले में आरक्षण लागू नहीं हो सका।
-डॉ. वीसी पांडेय, प्राचार्य, डीबीएस पीजी कॉलेज
विवि स्तर पर लिखित में आदेश जारी होने का इंतजार किया जा रहा है। कॉलेज अपने स्तर पर सीटें नहीं बढ़ा सकते हैं। इस कारण आरक्षण के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को लाभ नहीं दिया सका।
-प्रो. वीए बौड़ाई, प्राचार्य, एसजीआरआर पीजी कॉलेज