जौनसार बावर भी महाभारत की घटनाओं से आच्छादित है। यहां लाक्षागृह के रूप में लाखामंडल का उल्लेख मिलता है। इसे भी महाभारत सर्किट में शामिल किया जाएगा। मैं जब रेल राज्य मंत्री था तो पहाड़ तक रेल पहुंचाने की योजना बनाई थी। आज ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन से पहाड़ तक रेल पहुंच रही है। रेल के रूप में पहाड़ में लक्ष्मी आ रही है।
पहाड़ के पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देना चाहिए। झंगोरे की खीर को शाही भोजन के रूप में पहचान मिल रही। लोग मंडुआ नहीं खाते थे, बोलते थे यह काला अनाज है। लेकिन आज वही झंगोरा घर - घर में खाया जा रहा। पर्यटन को बढ़ाएं, अथिति सत्कार को बढ़ाएं, यह हमारी पहचान है। हमें आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।