देहरादून में राजमिस्त्री की हत्या के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह राजमिस्त्री की गालियों से परेशान हो गया था। वह उसको हर रोज गालियां देता था। हत्या से पहले भी दोनों बैठकर शराब पी रहे थे। इसी बीच उसने गालियां देना शुरू कर दिया। गुस्से में आकर उसने राजमिस्त्री के गले में चाकू से वार कर दिया। इसके बाद वहां से भाग गया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चाकू भी बरामद कर लिया है।
एसपी सिटी सरिता डोभाल ने बताया कि शुक्रवार देर शाम मित्रलोक कॉलोनी के एक मकान में अनिल नाम के राजमिस्त्री की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप उसके साथी शिवा पर था। इंस्पेक्टर कैंट एश्वर्य पाल व उनकी टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे तो पता चला कि हत्या से कुछ देर पहले ही दोनों एक साथ घूम रहे थे। इस पर पुलिस ने उसके भागने के रूट पर सीसीटीवी कैमरे चेक किए। शनिवार देर शाम कांस्टेबल जतिन और नरेंद्र उसे तलाशते हुए कैंट थाना क्षेत्र में एक निर्माणाधीन मकान पर पहुंचे। वहां पर उसके बारे में पता किया तो शिवा उर्फ शिबु (निवासी भदास, दिक्षिणी वार्ड खगड़िया, बिहार) मजदूरी करते मिल गया। पुलिस ने उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह राजमिस्त्री अनिल के साथ मजदूरी करता था। वह वहां पर उसे गालियां देता था। जब घर आते थे तब भी गालियां देता था। एक दिन उसने सोच लिया कि अगर वह अब गालियां देगा तो उसे चाकू मार देगा। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
नहीं पता कि अनिल की मौत हो गई
इंस्पेक्टर एश्वर्य पाल ने बताया कि शिवा को पता ही नहीं था कि अनिल की मौत हो गई है। उसने तो चाकू केवल घायल करने के लिए मारा था। वह वहां से यह सोचकर भाग आया था कि अनिल के घायल होने के बाद पब्लिक उसे पीटने लगेगी। उसने चाकू भी कैंट थाना क्षेत्र में एक घराट के पास डाल दिया था। मित्रलोक कॉलोनी से वह अपने एक जानने वाले ठेकेदार के पास आया था। वहां उसने रात में उससे सोने के लिए जगह मांगी तो उसने उसे कुछ मजदूरों के पास सोने के लिए कह दिया। अगले दिन एक अन्य ठेकेदार ने मजदूर के बारे में पूछा तो उसने शिवा के बारे में बताया। शिवा उस दूसरे ठेकेदार के साथ काम करने के लिए वहां चला गया। यहीं से पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पैसे होते तो भाग जाता बिहार
आरोपी ने बताया कि उसके पास केवल 20 रुपये हैं। पुलिस के अनुसार वह आठ माह से देहरादून में रह रहा है। उसकी अपने परिवार के साथ भी नहीं बनती। यदि उसके पास पैसे होते तो वह बिहार भाग सकता था। उसने पुलिस को बताया कि गलत काम की सजा तो हनुमान जी देते हैं। इसके लिए मैंने दे दी। ऐसे में उसके दिमाग पर भी खासा असर है।