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देहरादून: सीबीआई अधिकारी बनकर रिटायर्ड कर्मी से 30 लाख ठगे, मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की भी दी धमकी

Sun, 11 Oct 2026 10:41 PM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

सेवानिवृत्त कर्मचारी ने बताया कि चार अक्तूबर को उनके मोबाइल पर टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नाम से फोन आया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर से अवैध विज्ञापन और संदेश भेजे जा रहे हैं। इसके बाद ठगी का खेल शुरू हुआ।
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सीबीआई अधिकारी बनकर रिटायर्ड कर्मी से ठगी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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साइबर ठगों ने सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बन और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से 30 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी दी। खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले आरोपियों ने रकम की जांच के नाम पर उसे दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिया। बाद में पीड़ित के मोबाइल पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का फर्जी गिरफ्तारी वारंट भी भेजा गया। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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साइबर थाने में दी गई शिकायत में सेवानिवृत्त कर्मचारी ने बताया कि चार अक्तूबर को उनके मोबाइल पर टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नाम से फोन आया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर से अवैध विज्ञापन और संदेश भेजे जा रहे हैं। इसके बाद संदीप राणा नाम के व्यक्ति ने संपर्क कर खुद को सीबीआई अधिकारी बताया।

उसने कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मुंबई में सिम कार्ड खरीदने और बैंक खाता खोलने में किया गया है। इस खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे अपराधों में होने की बात कहकर उन्हें गिरफ्तारी की धमकी दी गई। साइबर थाना प्रभारी देवेंद्र नबियाल ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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सरकारी गवाह बनाने का दिया झांसा
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित को सरकारी गवाह बनने का विकल्प दिया और इसके लिए गोपनीय समझौता करने की बात कही। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिये कथित सीबीआई निदेशक से बात कराई गई। फिर राहुल नाम के व्यक्ति ने खुद को सीबीआई से जुड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके बैंक खातों में जमा रकम की जांच आरबीआई की निगरानी में होगी। उसने रकम एक खाते में ट्रांसफर करने पर एक-दो घंटे में वापस मिलने का भरोसा दिया।

30 लाख रुपये किए ट्रांसफर
धमकियों से घबराकर रिटायर कर्मचारी ने सात अक्तूबर को अपने बैंक खाते से आरटीजीएस के जरिये 30 लाख रुपये एसबीआई के मदुरै स्थित खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने दूसरे खाते में बची रकम भी जमा कराने का दबाव बनाया। नौ अक्तूबर को उन्हें ईडी का कथित फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेजा गया। ठगी का संदेह होने पर उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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