सरकारी गवाह बनाने का दिया झांसा
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित को सरकारी गवाह बनने का विकल्प दिया और इसके लिए गोपनीय समझौता करने की बात कही। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिये कथित सीबीआई निदेशक से बात कराई गई। फिर राहुल नाम के व्यक्ति ने खुद को सीबीआई से जुड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके बैंक खातों में जमा रकम की जांच आरबीआई की निगरानी में होगी। उसने रकम एक खाते में ट्रांसफर करने पर एक-दो घंटे में वापस मिलने का भरोसा दिया।
30 लाख रुपये किए ट्रांसफर
धमकियों से घबराकर रिटायर कर्मचारी ने सात अक्तूबर को अपने बैंक खाते से आरटीजीएस के जरिये 30 लाख रुपये एसबीआई के मदुरै स्थित खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने दूसरे खाते में बची रकम भी जमा कराने का दबाव बनाया। नौ अक्तूबर को उन्हें ईडी का कथित फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेजा गया। ठगी का संदेह होने पर उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।