इसके अलावा पैसिव नाइट विजन दूरबीन भी अहम उपकरण है। जो हेलमेट में फिट की जाने वाली डिवाइस है। इससे रात को दूर तक दुश्मन की गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है। यह 2.90 लाख में सैन्य बलों को दिया जा रहा है। अभी तक यह डिवाइस विदेशों से तीन से साढ़े तीन लाख रुपये में खरीदी जा रही थी।
फिलहाल इस समय आयुध निर्माणी को 15 00 डिवाइस बनाने का आर्डर मिला है। इस दौरान अपर महाप्रबंधक कैलाश प्रसाद, एससी झा, आरसी शर्मा, संयुक्त महाप्रबंधक वीएस चौधरी, शर्मिला कौल, सौरभ भाष्कर वीरेंद्र यादव, रितेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
आम आदमी के लिए भी तैयार की दूरबीन
आयुध निर्माणी ने पहली बार सिविल के लिए पहली बाद उपकरण तैयार किया है। इसको दवीनेत्रा नाम दिया गया है। आयुध निर्माणी ने इसका परीक्षण कर इसका उत्पादन शुरू कर दिया है। यह दूरबीन यहां आने वाले ट्रेकरों, के साथ ही पक्षी प्रेमियों, जंगलों में जानकारी को देखने आदि के लिए मददगार साबित हो सकती है।
इसकी कीमत करीब 20 से 25 हजार रुपये तक है। यह पहली बार हुआ है जब, आयुध निर्माणी में सिविल क्षेत्र के लिए कोई उपकरण तैयार किया है। आयुध निर्माणी के महाप्रबंधक पीके दीक्षित ने बताया कि यह दूरबीन पहले सेना के लिए बनाया जाती थी, लेकिन आत्मनिर्भर भारत के तहत अब इसका निर्माण आम आदमी के लिए भी किया जाना लगा है।