उत्तराखंड भवन सन्निर्माण एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड का दफ्तर अब नेहरू कालोनी स्थित किराए की इमारत में ही चलेगा। पूर्ववर्ती सरकार के इसे सर्वे चौक स्थित छात्रावास में शिफ्ट करने का आदेश रद्द कर दिया गया है।
कार्यालय को छात्रावास में शिफ्ट किए जाने के बीच कोरोना की दूसरी लहर आ गई। यह छात्रावास कोविड केयर सेंटर भी है। लिहाजा, जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने तत्काल छात्रावास खाली करने के आदेश जारी कर दिए।
कर्मकार बोर्ड की सचिव मधु नेगी चौहान ने बताया कि श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के निर्देशों पर कर्मकार बोर्ड का दफ्तर पूर्व की भांति नेहरू कालोनी स्थित इमारत में ही शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब श्रमिकों से जुड़े सभी कार्य इसी दफ्तर से संचालित किए जा रहे हैं।
श्रमिकों के लिए कर्मकार बोर्ड की फिलहाल नई योजना नहीं
श्रमिकों को राशन किट बांटे जाने के कर्मकार बोर्ड के फैसले को फिलहाल श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने रोक दिया है। उनका कहना है कि पहले से ही सरकार एपीएल और बीपीएल को राशन दे रही है, ऐसे में अलग से खाद्यान्न किट देने की औचित्य नहीं है।
दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर में कर्मकार बोर्ड की बैठक में तय किया गया था कि श्रमिकों को खाद्यान्न किट वितरित की जाएगी। यह मामला जब श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के पास पहुंचा तो उन्होंने इस पर रोक लगा दी। मंत्री का कहना था कि पहले से ही सरकार की ओर से मदद दी जा रही है।
लिहाजा, अब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते बोर्ड को योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवासी मजदूरों के लिए भी बोर्ड की ओर से कोई योजना नहीं है। श्रम मंत्री का यह भी कहना है कि कोरोना कर्फ्यू के बीच निर्माण कार्यों पर रोक नहीं है। ऐसे में श्रमिक मजदूरी कर रोजी रोटी चला रहे हैं।
इसलिए भी अलग से योजना शुरू नहीं की गई है। अब माना जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच बोर्ड पंजीकृत श्रमिकों के लिए कुछ योजना बनाएगा। बोर्ड की सचिव मधु नेगी चौहान का कहना है कि श्रम मंत्री के निर्देशों के अनुसार आगामी योजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल श्रमिकों को अलग से कोई खाद्यान्न नहीं दिया जा रहा है।