देहरादून नगर निगम प्रशासन नए 40 वार्डों में बस शेल्टर बनाएगा। इनकी संख्या करीब 50 होने की उम्मीद है। इस महीने निगम नए वार्डों का सर्वे कराकर शेल्टर के लिए स्थान चिह्नित करेगा। शेल्टर बनने के बाद लोगों को धूप व बारिश की दिक्कत से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
निगम के पुराने 60 वार्डों की बात करें तो 68 बस शेल्टर हैं। जिसके जरिये निगम को सालाना लाखों रुपये का राजस्व मिलता है। इस साल भी 23 लाख रुपये से अधिक राजस्व मिला है। शेल्टर पर विज्ञापन चलाने व उसका मेंटीनेंस करने वाली कंपनी हर साल 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ राजस्व जमा करती है।
मौजूदा समय में नए वार्डों के चौराहों व प्रमुख स्थानों पर यात्रियों के खड़े होने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इस वजह से लोग धूप और बारिश में दुकानों का सहारा लेते हैं। जिसे देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने शेल्टर बनाने का निर्णय लिया है। जिसके बनने के बाद यात्रियों को सुविधा हो जाएगा।
शेल्टर कौन बनाएगा, निर्णय बाद में
नए वार्डों में बनने वाले बस शेल्टर को निगम खुद बनाएगा या फिर उसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत बनाया जाएगा, इसका निर्णय बाद में लिया जाएगा। वहीं, इससे निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
शेल्टर पर बसों को रोकने की करनी होगी व्यवस्था
नगर निगम की ओर से शहर में बनाए गए बस शेल्टरों पर बस नहीं रुकती है। कमोबेश यही स्थिति सवारियों को उतारने में भी रहती है। यानी कि बस चालक बस को शेल्टर से या तो पहले रोकता है या फिर उसके आगे। जिसके चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। निगम को भी इस पर ध्यान देते हुए यह तय करने की जरूरत है कि बसें शेल्टर पर ही रुकें। जिससे यात्रियों को परेशानी न हो।
नए वार्डों में बस शेल्टर न होने से क्षेत्र के लोगों को धूप और बरसात में परेशानी होती है। शेल्टर न होने से बसें भी कई बार नहीं रुकती हैं। जिसे देखते हुए वहां बस शेल्टर बनाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही शेल्टर पर लगने वाले विज्ञापन से निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
- सुनील उनियाल गामा, मेयर