पिटकुल एमडी पीसी ध्यानी कुमाऊं दौरा छोड़कर दून के लिए रवाना हो गए। मामले में मुख्य अभियंता एचएस ह्यांकी, अनुपम सिंह और डीपी सिंह की जांच समिति गठित की गई है। समिति 24 घंटे में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था और 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। सवाल ये उठ रहा है कि जो ब्रेकर फॉल्ट आने पर लाइन ट्रिप का काम करते हैं, वह खुद ही कैसे जल गए?
उद्योगों में पांच घंटे तक बिजली नहीं
उत्तराखंड इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील उनियाल ने बताया कि बिजली नहीं आने से उद्योगों में व्यापक स्तर पर उत्पादन प्रभावित हुआ है। बड़ी इकाइयों में जनरेटर की सुविधा रहती है लेकिन अधिक समय तक जनरेटर चलाने से उत्पादन की लागत बढ़ जाती है। इसके अलावा छोटी इकाइयां बिजली पर ही आधारित हैं, जिन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है।