फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देहरादून : शहीद मेजर विभूति की पत्नी निकिता सेना में होंगी शामिल, 29 मई को पहनेंगी वर्दी

Mon, 24 May 2021 02:07 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

दून निवासी विभूति ढौंढियाल जम्मू कश्मीर में हुए 2019 में हुए सैन्य अभियान में शहीद हो गए थे। उनके शहीद होने के बाद उनकी पत्नी निकिता ने पति के सपने को पूरा करने के लिए सेना में जाने का मन बनाया।
विज्ञापन
शहीद मेजर विभूति ढौंढियाल, पत्नी निकिता ढौंढियाल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

18 फरवरी 2019 को एक सैन्य अभियान में शहीद हुए मेजर विभूति ढौंढियाल की पत्नी निकिता ढौंढियाल बतौर लेफ्टिनेंट आधिकारिक तौर पर 29 मई को सेना में शामिल हो जाएंगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद 29 मई को आयोजित पीओपी में वह सेना की वर्दी पहनेंगी। 

विज्ञापन


दून निवासी विभूति ढौंढियाल जम्मू कश्मीर में हुए 2019 में हुए सैन्य अभियान में शहीद हो गए थे। उनके शहीद होने के बाद उनकी पत्नी निकिता ने पति के सपने को पूरा करने के लिए सेना में जाने का मन बनाया। निकिता ने दिसंबर 2019 में इलाहाबाद में वूमेन एंट्री स्कीम की परीक्षा दी थी। जिसमें वह पास हो गई थीं।

इसके बाद चेन्नई की ऑफिसर्स  ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) से निकिता को कॉल लेटर आया। निकिता की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। अब वह सेना की वर्दी पहनने के लिए आधिकारिक रूप से तैयार हो गई हैं। 29 मई को ओटीए के पासिंग आउट परेड़ में बतौर लेफ्टिनेंट वह आधिकारिक रूप से सेना में शामिल हो जाएंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

शादी के दस महीने बाद ही शहीद हो गए थे मेजर विभूति

मेजर विभूति की शादी 18 अप्रैल 2018 को हुई थी। 19 अप्रैल को पहली बार पत्नी निकिता को लेकर वह डंगवाल मार्ग स्थित अपने घर पहुंचे थे। इसके ठीक दस माह बाद मेजर विभूति शहीद हो गए थे।

विभूति के पिता स्व. ओमप्रकाश ढौंडियाल के चार बच्चे थे। इनमें तीन बेटियां और सबसे छोटा बेटा विभूति था। शहीद मेजर विभूति को बचपन से ही सेना में जाने का जुनून था।

कक्षा सात से ही विभूति ने सेना में जाने की कोशिशें शुरू कर दी थीं। उन्होंने वर्ष 2000 में सेंट जोजेफ्स एकेडमी से 10वीं और 2002 में पाइन हाल स्कूल से 12वीं पास की। इसके बाद उन्होंने डीएवी कॉलेज से बीएससी पास की।

जब वे सातवीं कक्षा में थे तब उन्होंने राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज में भर्ती की परीक्षा दी। लेकिन चयन नहीं हुआ। 12वीं में एनडीए की परीक्षा दी। लेकिन चयन नहीं हुआ। ग्रेजुएशन के बाद उनका चयन हुआ और ओटीए चेन्नई में प्रशिक्षण हासिल किया। वर्ष 2012 में पासआउट होकर उन्होंने कमीशन प्राप्त किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें