बताया कि आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क में थे, जिनमें एक नंबर अभी भी सक्रिय है। महिला ने पुलिस से प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई, सभी संदिग्ध खातों को तत्काल फ्रीज करने और उनका पैसा वापस दिलाने की अपील की है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि नंबरों की कॉल डिटेल, आईपी लॉग और संबंधित बैंक खातों की जांच की जा रही है।
60 दिन तक ठगों के झांसे में रही बुजुर्ग
बुजुर्ग ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि एक सितंबर को उन्हें फोन आया था। इसके बाद करीब 60 दिन तक वह दहशत में रहीं। पहली बार नौ सितंबर को उन्होंने 27 लाख रुपये ट्रांसफर किए। पैसे देने का सिलसिला दो महीने तक चलता रहा। 30 अक्तूबर को आखिरी बार उन्होंने दो करोड़ 45 लाख रुपये दिए। इस तरह साइबर ठगों ने कुल तीन करोड़ नौ लाख रुपये ठग लिए।