30 नवंबर 2023 को बना था मस्जिद का मुतवल्ली
खालिद करीब एक साल पहले जामा मस्जिद का मुतवल्ली बना था। उसके मुतवल्ली बनने से मस्जिद से जुड़ा एक बड़ा वर्ग खफा था। उसकी आपराधिक प्रवृति को लेकर लगातार वक्फ बोर्ड से उसे हटाने की शिकायत की जा रही है। कुछ समय पूर्व मज्सिद में इसे लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। जिसमें क्रास मुकदमा दर्ज हुआ था।
भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ में विभिन्न पदों पर रहा
जानकारी के अनुसार खालिद भाजपा के कुछ नेताओं के करीब था। वक्फ बोर्ड में भी उसकी ऊंची पहचान थी। यही कारण था कि भारी विरोध के बाद भी उसे विकासनगर स्थित जामा मस्जिद का मुतवल्ली बनाया गया। लगातार विरोध के बीच भी वह पद पर बना रहा।
कोतवाली चौकी में आए दिन था जाना आना
खालिद लगातार विवादों में रहता था। विवादों को लेकर कोतवाली और चौकी में उसका लगातार आना जाना लगा रहता था। उसके बाद भी वह पुलिस की नजर से लगातार बचता रहा।
फरार आरोपी की गिरफ्तार की सूचना मिल गई है। दोनों राज्यों की पुलिस के बीच लगातार सूचनाओं का आदान प्रदान किया जा रहा था। खालिद विकासनगर जामा मस्जिद में मुतवल्ली और हाल में वहीं रह रहा था।
- अजय सिंह, एसएसपी, देहरादून