युवती के साथ होटल में ठहरे युवक का जो पहचानपत्र होटल से मिली वह जसपुर के किसी सुनील के नाम का था। ऐसे में पुलिस जब वहां पहुंची तो पता चला कि उनका पर्स बहुत पहले खो गया था, जिसमें यह पहचानपत्र भी था।
मोबाइल लोकेशन व अन्य साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि वह व्यक्ति देहरादून नहीं गया। इसके बाद पुलिस उस मोबाइल नंबर तक पहुंची तो रजिस्टर में लिखा हुआ था। वह नंबर भी किसी अध्यापक का निकला। ऐसे में यह दोनों रास्ते ही बंद हो गए।
अब पुलिस को राज खोलना है तो केवल ‘क’ और ‘ज’ अक्षर का। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कमरे में हत्यारे या किसी ने कुछ बातें भी लिपस्टिक से लिखी थी। यह लिपस्टिक युवती की ही है। इसके बाद इन्हें तौलिए से मिटाया गया है। इन्हीं में से ये दो अक्षर बचे हैं, जिनका पुलिस राज खोलने में लगी है।
इन सब बातों को देखते हुए पुलिस इसे एक साइको किलर भी मान रही है। क्योंकि, इस तरह से कोई मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति ही बातों को दीवार पर लिख सकता है। सूत्रों के अनुसार यह किसी इंटरनेट गेम के टास्क का हिस्सा भी हो सकता है। सभी पहलुओं पर पुलिस इस समय जांच कर रही है।
टेलर ने पहचाना युवक को
कमरे से युवक की एक पेंट भी मिली है। यह पेंट सेलाकुई के एक टेलर से सिलवाई हुई है। पुलिस ने इसे टेलर को दिखाया तो टेलर ने युवक को पहचान लिया।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से तस्दीक कराई कि यह वही युवक है, जिसकी यह पेंट है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसका रूट तलाश रही है।