घंघोड़ा स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में जल्द कूड़ा निस्तारण प्लांट शुरू हो जाएगा। प्लांट लगाए एक साल बीत चुका है, लेकिन सेना बिजली कनेक्शन के लिए एनओसी नहीं दे रही थी, जिसके कारण प्लांट शुरू नहीं हो पाया। अब सेना की ओर से एनओसी मिल चुकी है।
दरअसल, कैंट गढ़ी के प्रेमनगर के ठाकुरपुर रोड स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड और घंघोड़ा स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में कई सालों से कूड़ा एकत्रित किया जा रहा है, लेकिन अब ट्रंचिंग ग्राउंड फुल हो चुके हैं। इसके बाद कैंट बोर्ड गढ़ी की ओर से दोनों ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने की योजना बनाई गई।
इसके लिए दिल्ली की एक कंपनी को 16 लाख प्रतिमाह के हिसाब से जिम्मा सौंपा गया। जनवरी 2020 में कंपनी ने प्रेमनगर में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाकर काम शुरू कर दिया, इसी दौरान घंघोड़ा में भी प्लांट लगाया जाना था। कंपनी की ओर से प्लांट का पूरा सेटअप तो यहां लगा दिया, लेकिन बात बिजली कनेक्शन पर अटक गई।
जहां ट्रंचिंग ग्राउंड है, वह सब-एरिया की जमीन है, लिहाजा यहां कनेक्शन लगाने के लिए सब-एरिया की एनओसी की जरूरत थी, लेकिन विगत एक साल से सेना एनओसी देने में लगातार हीलाहवाली कर रही थी। अब सेेना की ओर से बिजली कनेक्शन के लिए एनओसी दे दी गई है।
प्रेमगनर में रोज 50 टन कूड़े का हो रहा निस्तारण
प्रेमनगर में कैंट बोर्ड की ओर से जनवरी 2020 में प्लांट शुरू किया था। रोज यहां 50 टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। एक साल के अंदर यहां लगभग आधे कूड़े का निस्तारण हो चुका है। इससे अब यहां कूड़ा डालने में कोई परेशानी नहीं हो रही है। आईएमए, प्रेमनगर आदि क्षेत्रों से यहां प्रतिदिन 25 टन कूड़ा जाता है।
कूड़े से बनाई जा रही खाद
प्रेमनगर में जो प्लांट लगाया गया है, उससे कूड़ा का निस्तारण तो हो ही रहा है, साथ ही कूड़े से यहां जैविक खाद भी तैयारी की जा रही है। प्रेमनगर प्लांट में अभी तक कूड़े से 80 लाख टन जैविक खाद तैयार की जा चुकी है। अब कैंट बोर्ड ने इसको बेचने के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। घंघोड़ा में भी इसी प्रकार से कूड़े से जैविक खाद तैयार की जाएगी।
घंघोड़ा में लंबे समय से कूड़ा निस्तारण प्लांट का कार्य लंबित पड़ा हुआ था। बिजली कनेक्शन के लिए सेना की एनओसी नहीं मिली थी। अब सेना ने एनओसी दे दी है। जल्द ही बिजली कनेक्शन लगाकर प्लांट का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- तनु जैन, सीईओ कैंट देहरादून