परीक्षक ने दी रिपोर्ट तो विवि ने लिया एक्शन
गढ़वाल विवि के प्रो. वाइस चांलसर प्रो. आरसी भट्ट ने बताया कि डीएवी की कॉपी जांचने वाले परीक्षक ने कॉपियों के साथ ही अपनी जो रिपोर्ट भेजी, उससे सामूहिक नकल का पता चला। परीक्षक ने इस बात की आशंका जताई है कि सभी छात्रों ने एक जैसा जवाब इंटरनेट से लेकर कॉपी में लिखा है।
डीएवी की साख और विवि का फैसला भी सवालों में
सामूहिक नकल के आरोप से डीएवी की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं। डीएवी लॉ विभागाध्यक्ष डॉ. पारुल दीक्षित का कहना है कि कॉलेज के स्तर से परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और सख्ती बरती जाती है। कॉलेज प्रशासन के सचल दस्ते लगातार नकलचियों को पकड़ते हैं। एक साथ इतने छात्रों की सामूहिक नकल का सवाल ही पैदा नहीं होता। उधर, विवि का फैसला भी इसलिए सवालों में है कि मामले में छात्रों पर जो कार्रवाई की गई है, उससे उनके कॅरियर पर दाग लग गया है। छात्रों का आरोप है कि इससे वह कभी इस विषय को लेकर कोई सुधार नहीं कर पाएंगे।