आढ़त बाजार, हनुमान चौक जैसे भीड़भाड़ वाले बाजारों में दुकानें खोलने की ऑड-ईवन व्यवस्था के लिए रविवार को नंबरिंग करने पहुंची प्रशासनिक टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। बिना सूचना पहुंची टीम और व्यापारियों में पहले लंबी बहस हुई। उसके बाद दुकानदारों ने हंगामा कर दिया। जिलाधिकारी और एसपी सिटी से वार्ता के बाद तीन दिन में भीड़ नियंत्रित करने पर सहमति बनी। डीएम ने साफ किया कि इसी बीच व्यवस्था न सुधरी तो दुकानें खोलने की ऑड-ईवन व्यवस्था लागू की जाएगी।
दून में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। रोज बड़ी संख्या में संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। अनलॉक 2.0 के बाद बाजारों में उमड़ रही भीड़ के कारण यह खतरा और बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण प्रशासन अब भीड़भाड़ वाले हनुमान चौक, आढ़त बाजार, पीपल मंडी आदि बाजारों में ऑड-ईवन व्यवस्था के तहत 33 फीसदी दुकानें एक दिन में खोलने की योजना बना रहा है। इसको लेकर रविवार को डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर गोपाल राम बिनवाल, सीओ सिटी और कोतवाल के साथ इन बाजारों में निकले और दुकानों पर नंबर डालने लगे।
इसकी सूचना जब व्यापारियों को मिली तो उनमें हड़कंप मच गया। आननफानन में व्यापार मंडल के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने इसका विरोध कर दिया। इनका कहना था कि बिना सूचना दिए और उनके संज्ञान में यह बात लाए बिना दुकानों की नंबरिंग करना बिल्कुल ठीक नहीं है। इस बात को लेकर काफी देर तक व्यापारियों और प्रशासन की टीम में नोंकझोंक चलती रही। बाद में व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश सिद्धार्थ अग्रवाल ने जिलाधिकारी को फोन पर फिलहाल कार्रवाई स्थगित करने की मांग की।
उसके बाद व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल एसपी सिटी और जिलाधिकारी से मिलने पहुंचा। इस दौरान व्यापारियों ने कहा कि दोपहर एक बजे से तीन बजे तक के अलावा पुलिस बाजारों में बैरिकेडिंग की व्यवस्था ठीक से कर तो बाजारों में जाम नहीं लगेगा। उससे सोशल डिस्टेंसिंग भी बनी रहेगी। इस पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बुधवार तक बाजारों में व्यवस्था का आकलन किया जाएगा। यदि इस बीच बाजारों में कोई जाम और भीड़-भाड़ नहीं लगता तो व्यवस्था यथावत रखी जाएगी। अन्यथा बृहस्पतिवार से प्रशासन कड़ा कदम उठाने को मजबूर होगा। इस पर व्यापारियों ने सहमति व्यक्त की।
प्रशासन की ओर से व्यापारियों के संज्ञान में लाए बिना बाजारों में नंबरिंग शुरू की। इसका व्यापारियों ने विरोध किया है। प्रतिदिन 33 प्रतिशत बाजार खोलना किसी भी हालत में व्यापारियों के पक्ष में नहीं है। अगर बाजार में पुलिस प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग की व्यवस्था ठीक से की जाए तो बाजारों में भीड़ कम रहेगी। व्यापारी भी इसके लिए पूरा प्रयास करेंगे कि बाजारों में भीड़ न रहे। इसलिए पुलिस प्रशासन से भी बैरिकेडिंग व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
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उमेश सिद्धार्थ अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष दून उद्योग व्यापार मंडल
जिला प्रशासन को चाहिए कि वह कोई भी कार्रवाई या निर्णय लेने से पहले व्यापारी संगठनों से बात करें। रविवार को बिना व्यापारियों के संज्ञान में लिए दुकानों की नंबरिंग शुरू कर दी गई। जिससे व्यापारियों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। प्रशासन कोई भी निर्णय लेने से पहले आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखें। लॉकडाउन में व्यापारियों का बहुत नुकसान हुआ है।
-पंकज मैसोन, अध्यक्ष दून वैली महानगर व्यापार मंडल
व्यापारियों ने बाजारों में बैरिकेडिंग व्यवस्था के साथ-साथ पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। इस पर पुलिस ने काम शुरू कर दिया है। बाकि जिलाधिकारी जो भी आदेश देंगे उनका अनुपालन करवाया जाएगा।
-श्वेता चौबे, एसपी सिटी
व्यापारियों को लगातार चेताने के बाद भी बाजारों में भीड़ उमड़ रही है। दिन में लंबा जाम लग रहा है। व्यापारियों से पूर्व में भी इस संबंध में वार्ता की थी। अब व्यापारियों को साफ कह दिया है कि तीन दिन के भीतर भीड़ को नियंत्रित करें नहीं तो ऑड-ईवन व्यवस्था लागू की जाएगी।
-डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी