ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन करने, टैक्स जमा करने, डीएल का नवीनीकरण कराने समेत तमाम विभागीय कार्यों के लिए अब वाहन स्वामियों को निजी साइबर कैफे संचालकों के भरोसे नहीं रहना होगा। परिवहन विभाग वाहन स्वामियों के लिए कॉमन सर्विस सेंटर की शुरुआत करने जा रहा है। विभागीय स्तर पर इसकी कार्ययोजना भी तैयार कर ली गई है। विभागीय अफसरों का दावा है कि जल्द ही कामन सर्विस सेंटर को शुरू कर दिया जाएगा।
वर्तमान में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए या टैक्स जमा कराने के लिए वाहन स्वामियों को साइबर कैफे संचालकों के भरोसे रहना होता है। निजी साइबर कैफे संचालक आरटीओ कार्यालय के सामने नए ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने के साथ ही परमिट जारी करने, फिटनेस की जांच करने या ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण करने के लिए आवेदन प्रक्रिया को साइबर कैफे पूरी करते हैं। जिसके एवज में साइबर कैफे संचालक वाहन स्वामियों से मनमानी वसूली भी करते हैं।
परिवहन विभाग के अफसरों ने इस पर अंकुश लगाने के लिए कई बार विभागीय स्तर पर कार्रवाई की लेकिन साइबर कैफे संचालकों की मनमानी नहीं रुक पाई। ऐसे में अब परिवहन विभाग खुद ही अपने स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर खोलने जा रहा है।
आरटीओ डीसी पठाई ने बताया कि आरटीओ परिसर में पहले जो आधार कार्ड केंद्र संचालित था, उसी में कॉमन सर्विस सेंटर खोलने की योजना बनाई गई है। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय को भेजा जा रहा है। यदि कॉमन सर्विस सेंटर खोल दिया जाता है तो सर्विस सेंटर में आवेदन करने के लिए निश्चित शुल्क तय कर दिया जाएगा। उससे अधिक शुल्क नहीं वसूला जा सकेगा। ऐसा होने पर जहां आवेदकों के साथ आर्थिक शोषण पर अंकुश लगाया जा सकेगा, वहीं आवेदकों को भी सहूलियत होगी।
आरटीओ में कॉमन सर्विस सेंटर खोलने की योजना बहुत पहले तैयार की गई थी लेकिन विभागीय कारणों के चलते योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। कोरोना संक्रमण से पूर्व भी कॉमन सर्विस सेंटर खोलने को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई थी लेकिन जब लॉकडाउन लागू हो गया तो योजना पर ब्रेक लग गया। अब जबकि स्थितियां सामान्य हो रही हैं तो एक बार फिर कॉमन सर्विस सेंटर खोलने को लेकर कार्य योजना तैयार की जा रही है।