कैंट बोर्ड गढ़ी ने नगर निगम की तर्ज पर पूर्व सैनिकों को भवन कर में छूट देने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए कैंट बोर्ड प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश सरकार और रक्षा मंत्रालय को भेजने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, इससे पहले भी 2015 में कैंट बोर्ड गढ़ी की ओर से रक्षा संपदा विभाग को पूर्व सैनिकों के टैक्स माफी का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे नामंजूर कर दिया था।
दरअसल, नगर निगम क्षेत्र में पूर्व सैनिकों को भवन कर में छूट दी गई है। इसी के मद्देनजर कई सालों से कैंट क्षेत्र में रहने वाले पूर्व सैनिक भी भवन कर में छूट की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में वह लगातार कैंट बोर्ड देहरादून के कार्यालय के साथ ही प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेज चुके हैं।
इसी को देखते हुए कैंट बोर्ड गढ़ी ने पूर्व सैनिकों को भवन कर में राहत देने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए कैंट बोर्ड गढ़ी जल्द ही एक प्रस्ताव बनाकर प्रदेश सरकार और रक्षा मंत्रालय के रक्षा संपदा विभाग को भेजेगा।
कैंट गढ़ी में कुल जनसंख्या के 50 प्रतिशत है पूर्व सैनिक
2011 की जनगणना अनुसार कैंट गढ़ी की कुल जनसंख्या 57716 थी। इसमें से 50 प्रतिशत पूर्व सैनिक हैं। पूर्व सैनिकों से बतौर भवन कर कैंट बोर्ड को 40 लाख से अधिक का राजस्व मिलता है। कैंट बोर्ड सीईओ तनु जैन ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार या रक्षा संपदा विभाग टैक्स की यह राशि कैंट बोर्ड को देता है, तो नगर निगम की तर्ज पर ही कैंट क्षेत्र में पूर्व सैनिकों को राहत मिल सकती है।
पूर्व सैनिक लगातार टैक्स में छूट की मांग कर रहे हैं। इसको देखते हुए एक प्रस्ताव राज्य सरकार व रक्षा संपदा विभाग को भेजा जाएगा। अगर दोनों में से कोई भी पूर्व सैनिकों से मिलने वाले भवन कर की धनराशि कैंट बोर्ड को देने के लिए तैयार हो जाता है, तो कैंट बोर्ड पूर्व सैनिकों को राहत दे सकता है। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया जाएगा।
- तनु जैन, सीईओ, कैंट गढ़ी