इस तरह प्रेसीडेंट बॉडीगार्ड बना राष्ट्रपति आशियाना
भारतीय सेना की सबसे पुरानी रेजीमेंट प्रेसीडेंट बॉडीगार्ड की स्थापना वर्ष 1773 में भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स ने की। वर्ष 1859 में इसे वायसराय बॉडीगार्ड नाम दिया गया जिसे बाद में द प्रेसीडेंट बॉडीगार्ड में तब्दील कर दिया गया। राष्ट्रपति के अंगरक्षकों की घोड़ा गाड़ी के लिए दून में पहली बार वर्ष 1938 में ग्रीष्मकालीन शिविर स्थापित किया गया। हालांकि, इससे पहले 1920 में यहां राष्ट्रपति के अंगरक्षकों के कमांडेंट का बंगला स्थापित कर दिया गया था।
आजादी के बाद करीब 175 एकड़ में फैला यह क्षेत्र द प्रेसीडेंट बॉडीगार्ड एस्टेट के रूप में जाना गया। दून की आबोहवा को देखते हुए हुए वर्ष 1975-76 में तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन ने ग्रीष्मकालीन दौरे के लिए दून का चुनाव किया। तब कमांडेंट बंगले का जीर्णोद्धार कर इसका नाम आशियाना रखा गया। तभी से राष्ट्रपति दून में इसी आवास में ठहरते थे।