इन घटनाओं से भयभीत होकर रेखा का परिवार अपना घर छोड़ कहीं और रहने लगा। इसका फायदा उठाकर प्रवीण और उसके साथियों ने रेखा व कृष्ण गोपाल की पत्नियों के नाम से फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाई और करोड़ों की संपत्ति बेच दी। इस काम में प्रवीण का भतीजा मनीष उर्फ बाॅलर और उसका साथी पंकज अष्टवाल शामिल थे। इस आधार पर हरिद्वार के गंगनहर थाना क्षेत्र से मनीष उर्फ बाॅलर (40) और पंकज अष्टवाल (30) को गिरफ्तार कर लिया। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
जांच में एक और खुलासा
एसटीएफ की जांच में एक और मामला सामने आया। साल 2022 में प्रवीण हरिद्वार जेल में बंद था। उसी दौरान उसकी मुलाकात संदीप कुमार एरोन नाम के शख्स से हुई। एरोन की कनखल क्षेत्र में साढ़े तीन करोड़ रुपये की संपत्ति थी। प्रवीण ने अपने भतीजे मनीष और संजय चांदना को जेल में बताया कि उन्हें एरोन की संपत्ति पर कब्जा करना है और इसके लिए सिर्फ 50-60 लाख रुपये देने होंगे। जेल से छूटने के बाद जनवरी 2023 में मनीष और संजय ने बिना कोई पैसा दिए उस संपत्ति का एग्रीमेंट अपने नाम करवा लिया हालांकि एक अन्य बदमाश आशीष शर्मा ने इस बात की जानकारी कुख्यात बदमाश सुनील राठी को दी जिसके बाद राठी ने प्रवीण को धमकाकर वह एग्रीमेंट रद्द करवा दिया।