सत्ताधारी पार्टी के विधायक चमोली ने संपर्क करने पर बताया कि नाले को भूमिगत करने और उसके बाद सड़क निर्माण का कार्य होना है। आईटीबीपी से सटे होने और अन्य स्वीकृति को लेकर इसके लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। मुख्यमंत्री उनके अनुरोध पर इसकी घोषणा भी कर चुके हैं। इसकी प्रक्रिया शासन स्तर पर अंतिम चरण में है। फिर भी कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक चमोली ने कहा कि उन्होंने क्षेत्रवासियों को यह भी बता दिया है कि वह इसके लिए लगातार शासन के अधिकारियों के संपर्क में हैं।
अगले रविवार को वह क्षेत्र का दौरा भी करेंगे। एक शासनादेश होने में अगर दो महीने लग रहे हैं तो यह अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर सवाल है और चिंताजनक स्थिति है। अगर 15 दिन के भीतर शासनादेश न हुआ तो जनता की समस्या को देखते हुए अब मेरा सब्र टूट जाएगा। विधायक चमोली ने कहा कि वह खुद क्षेत्रवासियों के साथ सचिवालय में धरने पर बैठेंगे। आखिर अधिकारियों के इस तरह के रवैये से सरकार की छवि खराब होने से बचाना भी हमारा दायित्व है।
यह पहुंचे थे विधायक आवास पर
विधायक विनोद चमोली के आवास पर वासुदेव जखमोला, रघुवीर सिंह भंडारी, लक्ष्मी प्रसाद बिजल्वाण, केसर सिंह, नीरज पंवार, जितेंद्र रावत, मंजू ध्यानी, मंजू डसीला, मंजू रावत, ईश्वर नागर, राहुल पॉल आदि लोग शामिल रहे।