नगर निगम चार साल बाद हाउस टैक्स की दरों में बदलाव करने जा रहा है। हाउस टैक्स की नई दरें इस महीने के अंत तक लागू होंगी। पहले नई दरें सितंबर के अंत में लागू की जानी थी, लेकिन आचार संहिता लगने के चलते टाल दिया गया है। हाउस टैक्स की दरों में सालाना 90 से 450 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
नगर निगम प्रशासन वर्ष 2014 के बाद हाउस टैक्स की दरें बढ़ाने जा रहा है। सितंबर में आपत्तियों की सुनवाई के बाद नए सिरे से हाउस टैक्स की दरें लागू की जानी थीं, लेकिन नगर निगम चुनाव के कारण आचार संहिता लगने के कारण योजना टाल दी गई। निगम की नियमावली के मुताबिक हर चार वर्ष में हाउस टैक्स की दरें रिवाइज करने का प्रावधान है।
शहर की आबादी साढ़े सात लाख है और आवासीय कर दाताओं की संख्या अभी केवल एक लाख है। इनमें नगर निगम क्षेत्र में आवासीय करदाता 90 हजार हैं वहीं 12 हजार व्यावसायिक करदाता हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम ने करीब 20 करोड़ रुपये हाउस टैक्स वसूला था। इस वित्तीय वर्ष में 25 करोड़ रुपये टैक्स वसूलने का लक्ष्य रखा गया है।
नगर निगम चुनाव को लेकर आचार संहिता लगी हुई है। इसके कारण नई दरें लागू नहीं की जा रही हैं। आचार संहिता हटने के बाद हाउस टैक्स की नई दरें लागू की जाएंगी। नई दरें इसी वित्तीय वर्ष से लागू हो जाएंगी। निगम की नियमावली के तहत यह बढ़ोतरी की जा रही है।
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विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त