वहीं, स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का अनुबंध ईईएसएल कंपनी से लेकर दूसरी कंपनी को सौंपने का प्रस्ताव पारित किया गया। वार्डों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, नशे के कारोबार को रोकने, नदी-नालियों की सफाई पर भी सहमति बनी। पार्षदों के लिए नगर निगम में कार्यालय खोलने से लेकर किन्नरों को दी जाने वाली बधाई को लेकर भी नई नीति बनाने पर चर्चा हुई।
मलिन बस्तियों में बिजली कनेक्शनों पर लगी पाबंदी के अलावा पार्षदों का वेतन तय करने का मुद्दा भी सदन में प्रमुखता से उठा। संडे बाजार को शहर से बाहर करने व बाजार में स्थानीय लोगों को प्रमुखता से स्थान देने की मांग की गई। अतिक्रमण व लालपुल पर श्रमिक स्थल को भी स्थानांतरित करने की मांग उठी।