नगर निगम के सामने 90 दिन में 60 करोड़ रुपये हाउस टैक्स वसूलने की चुनौती है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में निगम ने 75 करोड़ रुपये हाउस टैक्स वसूलने का लक्ष्य रखा था। जिसके सापेक्ष अभी तक महज 15 करोड़ की ही वसूली हो पाई है। ऑनलाइन प्रक्रिया होने के बावजूद लोग अभी इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि जनवरी से इसमें तेजी देखने को मिलेगी।
नगर निगम का दायरा अब बढ़कर 100 वार्डों का हो गया है। हालांकि नए वार्डों के आवासीय भवनों को आगामी 10 वर्षों तक टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है। जबकि 15 हजार कॉमर्शियल भवनों पर टैक्स की नई दरें लागू कर दी गई हैं। वहीं, पुराने 60 वार्डों में 90 हजार आवासीय तथा 20 हजार कॉमर्शियल भवन हैं।
इनसे निगम अब तक 15 करोड़ रुपये ही टैक्स वसूल पाया है। ऐसे में अगले 90 दिनों में 60 करोड़ रुपये टैक्स वसूलना निगम के सामने बड़ी चुनौती होगी। यह स्थिति तब है, जब निगम की ओर से टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है।
आमतौर पर भवन स्वामी फरवरी-मार्च के महीने से हाउस टैक्स जमा करते हैं। ऐसे में उम्मीद है कि हम 31 मार्च तक लक्ष्य को हासिल कर लेंगे।
-
सोनिया पंत, उप नगर आयुक्त
नगर निगम में जमा हुआ 25 लाख हाउस टैक्स
नगर निगम में मंगलवार को 25 लाख रुपये हाउस टैक्स जमा हुआ। सुबह से उमड़ी भवन स्वामियों की भीड़ शाम तक लगी रही। भीड़ को देखते हुए निगम में तीन अतिरिक्त काउंटर भी खोले गए। नगर निगम प्रशासन की ओर से हाउस टैक्स जमा करने पर दी जा रही छूट के चलते निगम में भवन स्वामियों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है। सुबह से ही कर अनुभाग के बाहर लोगों की लाइन लग गई। जिसे देखते हुए कर अधीक्षक धर्मेश पैन्यूली ने तीन अतिरिक्त काउंटर लगवाए।
नगर निगम प्रशासन ने इस वित्तीय वर्ष में 75 करोड़ रुपये हाउस टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा है। जिसके सापेक्ष अभी तक करीब 16 करोड़ रुपये हाउस टैक्स वसूला जा चुका है। पैन्यूली ने बताया कि पुराने 60 वार्डों के भवन स्वामियों को 15 जनवरी तक हाउस टैक्स जमा करने पर 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। वहीं, नए 32 वार्डों के कॉमर्शियल भवनों का टैक्स जमा करने पर 20 के साथ ही पांच प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिल रही है। यही वजह है कि लोग अधिक से अधिक संख्या में निगम पहुंचकर अपना हाउस टैक्स जमा करा रहे हैं।