इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महेश जोशी और मुंशी मनोज कुमार की लापरवाही सामने आई है। महेश जोशी ने लाइन रवानगी और अशोक कुमार की अनुपस्थिति के बारे में कोई जानकारी पुलिस अधिकारियों को नहीं दी। इस पर इन दोनों के खिलाफ पुलिस एक्ट में वर्णित 14(1) की की कार्रवाई के लिए सिफारिश की गई है। अग्रिम विभागीय जांच एसपी ग्रामीण द्वारा की जाएगी।
क्या होता है 14(1) के तहत वृहद दंड
पुलिस एक्ट की इस धारा में वृहद दंड का प्रावधान है। इसके तहत एक प्रक्रिया को अमल में लाया जाता है। इसके बाद संबंधित अधिकारी कर्मचारी पर चार में से किसी कोई दंड मिल सकता है।
ये हैं चार दंड
- वेतनमान घटाया जा सकता है।
- रैंक घटाकर डिमोशन किया जा सकता है।
- बर्खास्त किया जा सकता है।
विशेष श्रेणी उपनिरीक्षक अशोक कुमार ने पुलिस विभाग से तमाम बातें छुपाई हैं। वह बिना बताए 25 महीने गायब रहा और वेतन लेता रहा। सेवानिवृत्त
होने के बाद अब उसे दिए जाने वाली विभिन्न राशि में से यह रकम वापस ली जाएगी। इसके साथ ही तत्कालीन थाना प्रभारी और मुंशी की लापरवाही भी
सामने आई है। इसके लिए उनके खिलाफ 14(1) के तहत वृहद दंड की सिफारिश की गई है।
-अरुण मोहन जोशी, डीआईजी, देहरादून।