एसओ नेहरू कॉलोनी दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि मामला गंभीर होने के बाद तत्काल मुकदमा दर्ज कर टीम गठित की गई। टीम की ओर से विवेचना के दौरान पाया गया कि उमेश शर्मा द्वारा अमृतेश चौहान, शिव प्रसाद सेमवाल और राजेश शर्मा के साथ मिलकर साजिश के तहत सरकार को अस्थिर करने, मुख्यमंत्री के विरुद्ध आम जनमानस में घृणा पैदा करने के लिए कूटरचित दस्तावेज प्रदर्शित करते हुए भ्रामक वीडियो प्रसारित किया गया।
साथ ही लगातार अपने समाचार पत्र के माध्यम से उन्होंने झूठी और भ्रामक खबरें प्रकाशित की। जिसके बाद एक टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई और बृहस्पतिवार रात को पत्रकार राजेश शर्मा को सुमन नगर चोर खाला से गिरफ्तार किया गया। उसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस दबिश दे रही है।
डीआईजी ने गठित की एसआईटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने इस मामले में एसआईटी गठित की है। जिसमें थानाध्यक्ष दिलबर सिंह नेगी, थानाध्यक्ष प्रेमनगर धमेंद्र रौतेला, थानाध्यक्ष वसंत विहार नत्थीलाल उनियाल, चौकी प्रभारी बाईपास आशीष रावत और कांस्टेबल दीप प्रकाश को नामित किया गया है।