दून को निगेटिव मार्क मिलते चले गएI
घरों से निकले कूड़े को अलग-अलग कर गीले कूड़े की खाद बनाने का प्रस्ताव था। सूखा कूड़ा रिसाइकिलिंग के लिए भेजा जाना था, ताकि इसे दोबारा प्रयोग कर सकें। लेकिन यह सभी प्रक्रियाएं नहीं हो पाने के कारण स्वच्छता सर्वेक्षण में दून को निगेटिव मार्क मिलते चले गए।
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जुर्माने के बाद भी नहीं मानते बड़े प्रतिष्ठानI
नगर निगम ने बड़े कूड़ा उत्पादकों की श्रेणी में आने वाले प्रतिष्ठानों, सिनेमाघर, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल, रेस्तरां, कैफे, मोबाइल फूड काउंटर, कैटरर्स, वेडिंग, पार्टी हॉल आदि को अपने प्रतिष्ठानों में खुद ही कूड़े का निस्तारण करने के लिए कहा। लेकिन अधिकांश बड़े प्रतिष्ठान ऐसा नहीं करते। इन पर जुर्माना भी लगाया गया, लेकिन बात नहीं बनी।