फ्लाईओवर की लाइटें बंद होने से रेस्क्यू कार्य में आई दिक्कत
फ्लाईओवर पर हुई घटना के दौरान राहत एवं बचाव कार्य में उस समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब फ्लाईओवर की सभी स्ट्रीट लाइटें बंद पाई गईं। अंधेरा होने के कारण मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों और राहत दल को रेस्क्यू अभियान चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि यदि फ्लाईओवर की लाइटें चालू होतीं तो राहत एवं बचाव कार्य और अधिक तेजी से किया जा सकता था। अंधेरे के कारण घटनास्थल का सही आकलन करने और आवश्यक कार्रवाई करने में भी समय लगा। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से फ्लाईओवर की स्ट्रीट लाइटों को नियमित रूप से चालू रखने और रखरखाव की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
ओवर लोडेड ट्रक हटाना बना चुनौती
घटना के बाद दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को मौके से हटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान ट्रक का प्रेशर सिस्टम टूट गया, जिसके बाद उसके ब्रेक जाम हो गए। ट्रक ओवर लोडेड होने के कारण वह अपनी जगह से हिल भी नहीं पा रहा है, जिससे उसे हटाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। ट्रक को सड़क से हटाने के लिए मौके पर दो जेसीबी और एक क्रेन लगाई गई है। पुलिस और प्रशासन की टीम मशीनों की मदद से ट्रक को हटाने का प्रयास कर रही है, ताकि मार्ग को जल्द से जल्द साफ कर यातायात को सुचारू किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि ट्रक के हटने के बाद ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो पाएगी।
बीच सड़क पर वाहन छोड़कर भागे चालक
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान कई वाहन चालक अपने वाहन बीच सड़क पर ही लॉक कर छोड़कर वहां से भाग गए। जिससे राहत एवं बचाव कार्य में काफी बाधा उत्पन्न हुई। घटनास्थल तक पहुंचने में फायर कर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क पर खड़े वाहनों के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आगे बढ़ने में परेशानी हुई। ऐसे में फायर कर्मियों ने खुद आगे बढ़कर हाथों से ही वाहनों को हटाया और रास्ता बनाकर घटनास्थल तक पहुंचने का प्रयास किया। फायर कर्मियों की तत्परता और मेहनत से राहत एवं बचाव कार्य को आगे बढ़ाया जा सका।