गर्दन की मुख्य जुबिलर नस बाल-बाल बची थी। घर से अस्पताल लाने तक काफी मात्रा में खून भी निकल गया था। अगर मुख्य जुबिलर नस पर चाकू थोड़ा सा भी स्पर्श करता तो उसकी जान जोखिम में पड़ जाती। उसकी गर्दन में करीब 30 टांके आए हैं।
हाथ और जांघ पर भी गंभीर घाव
चिकित्सक डॉ. बिष्ट के मुताबिक युवती के दोनों हाथ की कलाई और जांघ पर भी गंभीर चोंटें लगी थीं। सर्जरी विभाग के चिकित्सकों की टीम ने उसका भी ऑपरेशन किया। युवती की हालत फिलहाल स्थिर है। उसे चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों की टीम में ईएनटी सर्जन डॉ. बिष्ट के साथ डॉ. प्रियंका चमोली, डॉ. आसना पंत, डॉ. पूजा, डॉ. सोफिया और डॉ. गुलसेर आदि शामिल रहे।