ई-रिक्शा चालक के बच्चों को देंगे एक-एक लाख रुपये मुआवजा
एडीजे प्रथम महेश चंद्र कौशिबा ने दोषियों को सजा सुनाते हुए यह भी आदेश दिया कि साबिर अली और रईस खान मृतक ई-रिक्शा चालक के बच्चों को मुआवजे के तौर पर एक-एक लाख रुपये का भुगतान करेंगे। यह मुआवजा राशि तीन महीने के भीतर देनी होगी। अदालत ने दोषियों की मानसिक और मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन रिपोर्ट भी मंगवाई थी जिसने सजा तय करने में मदद की।
घटनाक्रम : कब क्या हुआ (फांसी की सजा वाली खबर के साथ)
28 नवंबर 2022 : चालक ई-रिक्शा से घर से निकला
29 नवंबर 2022 : दोपहर में उसकी पत्थरों से कुचली लाश मिली, मृतक के भाई ने पुलिस स्टेशन कैंट में हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया
1 दिसंबर 2022 : पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया
15 जनवरी 2023 : छठा आरोपी रईस खान गिरफ्तार
24 फरवरी 2023 : पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया
5 अगस्त 2023 : अभियुक्तों पर आरोप तय किए गए
17 अगस्त 2023 : अदालत में सुनवाई और गवाही की प्रक्रिया शुरू
23 जुलाई 2025 : फैसला सुरक्षित रखा गया
5 अगस्त 2025 : पांच अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया, ई-रिक्शा चालक की पत्नी को बरी किया
22 अगस्त 2025 : दोषियों को सजा सुनाई गई।