कोर्ट ने पाया कि आरोपी को पहले नोटिस दिया गया था और वह जांच में सहयोग कर रहा था। साथ ही अदालत ने यह भी माना कि बाद में जो धारा जोड़ी गई, वह जमानती प्रकृति की है। इन तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुरेश राठौर की जमानत याचिका मंजूर कर ली।