दो शव सौंग नदी में बहकर आए
बताया जा रहा है कि देहरादून से बहकर गए दो लोगों के शव यमुना नदी से मिर्जापुर (सहारनपुर) में बरामद हुए हैं। इनकी अभी पहचान नहीं हो सकी है। हालांकि, इन शवों के मिलने की स्थानीय स्तर पर कोई पुष्टि नहीं की गई है। इसके साथ ही दो शव सौंग नदी में बहकर आए जिन्हें रायपुर क्षेत्र से बरामद किया गया है। एक शव हरबर्टपुर में आसन नदी से बरामद हुआ है। इन तीनों शवों की भी पहचान नहीं हुई है।
जहां तक लापता लोगों की जानकारी की बात है तो सहारनपुर के छह मजदूर फुलेत गांव में लापता हुए हैं। उनके एक मकान के मलबे में दबने की आशंका है जिन्हें निकालने के लिए एसडीआरएफ बुधवार सुबह से सर्च ऑपरेशन चला रही है। इन मजदूरों के साथ लापता लोगों का आंकड़ा 23 पहुंच गया है। नंदा की चौकी के पास ढहे पुल के हिस्से की मरम्मत का काम भी बुधवार को शुरू हो गया है। यहां पर लोनिवि ने नदी की धारा को पत्थरों की एक अस्थायी दीवार बनाकर रोका है ताकि बुधवार से यहां प्रभावी रूप से मरम्मत का काम शुरू हो सके।
मालदेवता क्षेत्र के प्रभावित गांवों में हेलिकॉप्टर के माध्यम से राशन पहुंचाया गया। मालदेवता क्षेत्र में बही सड़क की मरम्मत का काम भी बुधवार को शुरू हो गया। इसके बृहस्पतिवार से अस्थायी चालू होने की संभावना जताई जा रही है।
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दूसरे दिन भी कटा रहा मसूरी का संपर्क
देहरादून से मसूरी जाने वाले दोनों मार्ग भी बंद हैं। ऐसे में मुख्य मार्ग और किमाड़ी मार्ग से बुधवार को भी आवाजाही शुरू नहीं हो सकी। इसके लिए पुलिस ने एक दिन पहले ही जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित की थी ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। साथ ही मुख्य पांवटा हाईवे का दबाव दूसरे दिन भी शिमला बाईपास रोड पर रहा। यातायात का अधिक दबाव होने के कारण यहां कई जगह जाम की स्थिति भी बनी। हालांकि, ज्यादा समय तक लोगों को परेशानी झेलनी नहीं पड़ी।