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Dehradun Flood: आधी रात बादल फटा तो हिलने लगा घर, बाहर मची थी चीख-पुकार, 15 मिनट और रुकते तो मारे जाते

Wed, 17 Sep 2025 11:17 AM IST
रेनू सकलानी अंकित यादव, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून

सार

देहरादून में आई आपदा के प्रभावितों ने बताया कि पहले एक बजे और फिर चार बजे बादल फटा। मजाडा गांव के लोग चैन की नींद सोए थे। आंख खुली तो चारों ओर पानी-पानी था। लोगों ने सीटियां बजाकर और टॉर्च जलाकर लोगों को एक जगह एकत्रित किया।

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देहरादून आपदा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सहस्रधारा से पांच किमी ऊपर की ओर स्थित मजाडा गांव में बादल फटा तो लोगों के घर हिलने लगे। नींद खुली तो बाहर चीख-पुकार मची थी। सीटियां बजाकर और टॉर्च जलाकर लोग एक-दूसरे को सुरक्षित स्थान पर एकत्रित करने के लिए आह्वान कर रहे थे। जमाडा गांव के दीपू और जामा ने यह आपबीती सुनाई।

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दोनों परिवार के साथ सुरक्षित स्थान की तलाश में निकल चुके हैं। चेहरे पर तबाही का डर और कई किमी पैदल चलने की थकान समेटे दीपू और जामा का हाल-चाल पूछा तो वे रोने लगे। कहा कि सब बरबाद हो गया। रात करीब एक बजे जब पहली बार बादल फटा तो बाहर लोगों की चीख-पुकार मची थी। थोड़ी देर बाद बाहर का माहौल शांत हुआ तो लगा तबाही टल गई लेकिन तड़के करीब चार बजे फिर से घर की जड़ें हिलने लगीं। तब लोगों को लगा कि अब कुछ नहीं बचेगा। इसके बाद वे घरों से बाहर निकल गए। लोगों को सीटियां और टॉर्च जलाकर गांव में एक जगह एकत्रित किया गया।

15 मिनट और घर में रुकते तो सभी दब जाते

जामा ने बताया कि वे करीब साढ़े चार बजे परिवार के दो बच्चों समेत कुल पांच लोग घर से निकल गए थे। 15 मिनट बाद ही उनका घर पानी में बह गया। उन्होंने कहा कि अगर घर से बाहर न निकलते तो सभी दब जाते। गांव में इससे पहले ऐसा मंजर कभी भी देखने को नहीं मिला था।

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पड़ोसियों के मलबे में दबे होने की आशंका से दहशत में हैं

मजाडा से आए लोगों ने बताया कि उनके कई पड़ोसियों के मलबे में दबे होने की आशंका है। दशकों से वे एक साथ रह रहे हैं लेकिन आज आपदा ने ऐसी तबाही मचाई की एक-दूसरे के साथ खड़े नहीं हो पाए। जिसको जहां जगह मिली वहां भाग गया। उन्होंने कड़ी मेहनत और परिश्रम से घर बनाए थे।

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