केंद्रीय नेतृत्व के पाले में डाल रहे गेंद
इसके बाद हरक सिंह और हरीश रावत की एक होटल में मुलाकात की भी खबरें आई। हालांकि, दोनों तरफ से इस मुलाकात को नकार दिया गया। इसके बाद दिल्ली में हरक-हरीश के दिल मिलने की भी खबरें आईं, लेकिन फिर कहा गया कि खटाश अभी बाकी है।
अब जबकि हरक की कांग्रेस पार्टी में वापसी लगभग तय हो चुकी है। तब नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह हों या प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, दोनों ही मुद्दे को टालते हुए बात केंद्रीय नेतृत्व के पाले में डाल रहे हैं। कुछ इस तरह के बयान सामने आ रहे हैं, जैसे उन्हें कुछ पता नहीं।
हरक सिंह रावत के पार्टी में शामिल होने का फैसला पार्टी हाईकमान को लेना है। मुझसे इस विषय में कोई बातचीत नहीं हुई है। हां मैं हरक सिंह के उस बयान का जरूर स्वागत करता हूं, जिसमें वह कह रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर वह निस्वार्थ भाव से पार्टी की सेवा करना चाहते हैं। यदि वह पार्टी में आते हैं तो उनका स्वागत है।
- गणेश गोदियाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
हरक सिंह व्यक्तिगत रूप से मेरे साथी रहे हैं, सहयोगी रहे हैं। जब वह भाजपा में थे, तब भी मैं उनसे लगातार मिलता था। कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर के नेताओं से उनकी बात चल रही होगी, अगर वह कांग्रेस में आते हैं तो उनका स्वागत है। पार्टी को निश्चित तौर पर उनका लाभ मिलेगा।
- प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष