सैर सपाटा के बाद परिवार प्रेमनगर से वापस लौट रहा था। आईएमए के पास से गुजरते समय से सड़क किनारे खड़ा भारी-भरकम पेड़ कार के ऊपर आ गिरा। हादसे में कार का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। कार की पिछली सीट पर बैठीं प्रियंका के सिर में गंभीर चोट आने से उनकी मौत हो गई थी, जबकि आगे बैठे पति नितिन और बेटा निशांत घायल हो गए थे।
हादसे से पांच मिनट पहले तक प्रियंका पति के साथ आगे वाली सीट पर बैठी थीं। बेटा निशांत पीछे था। अचानक निशांत आगे आने की जिद करने लगा। बेटे की बात मानकर मां प्रियंका कार रुकवाकर पीछे जा बैठीं। उन्हें नहीं मालूम था कि कुछ कदम दूर मौत प्रियंका का इंतजार कर रही है।
प्रियंका की मौत के साथ उनके सपने भी चकनाचूर हो गए। प्रियंका की मौत से पति नितिन गर्ग को गहरा सदमा लगा है। बेटे निशांत का भी मां की याद में रोते-रोते बुरा हाल है। वेलेंटाइन डे परिवार कोऐसे जख्म दे गया, जिसका दर्द उन्हें उम्र भर सालता रहेगा।
खुड़बुड़ा निवासी प्रियंका गुप्ता अपना स्थानांतरण यूपी के सहारनपुर में चाहती थीं। पति नितिन गर्ग सहारनपुर में चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। जबकि प्रियंका बेटे के साथ वसंत विहार स्थित संचार विहार के सरकारी क्वार्टर में रहती थीं। प्रियंका इससे पहले पटियाला में तैनात थीं। 2017 में उनका स्थानांतरण देहरादून हुआ था। प्रियंका सहारनपुर ट्रांसफर चाहती थीं, ताकि ड्यूटी के साथ पारिवारिक जिम्मेदारी भी निभा सकें।
प्रियंका गुप्ता को परिवार के साथ घूमते हुए पता चला कि उनका वेतन खाते में आ गया है। प्रियंका का कहना था कि वेलेंटाइन डे उनके लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। दरअसल दो माह से विभागीय कर्मचारियाें को वेतन नहीं मिल पा रहा था। हादसे से कुछ देर पहले तक साथी अधिकारियों से फोन पर बात कर वेतन आने की खुशियां साझा की थी।
सहारनपुर में हुआ अंतिम संस्कार
प्रियंका गुप्ता की मौत की खबर मिलते ही शनिवार सुबह अधिकारियों और कर्मचारियों पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए थे। हर कोई अच्छे व्यवहार को लेकर प्रियंका को नम आंखों से याद कर रहा था। पोस्टमार्टम के बाद प्रियंका के पार्थिव शरीर को सहारनपुर ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।