जिला सेवायोजन कार्यालय में सीमित टोकन व्यवस्था के कारण अभ्यर्थियों को खासी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय में प्रतिदिन 50 लोगों के ही सेवायोजन पंजीयन की व्यवस्था है। शेष लोगों को सीमित टोकन होने का हवाला देकर बैरंग लौटा दिया जा रहा है। ऐसे में दूर दराज से आने वाले युवाओं को अनावश्यक भाग दौड़ करनी पड़ती है। अभ्यर्थियों की यही परेशानी जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर पड़ताल की।
इंटरनेट सेवा अचानक ठप हो गई। काउंटर पर बैठे बाबू ने सर्वर ठप होने की बात कही। 40 मिनट तक लाइन में खड़े महेश ने बताया कि इसी दौरान सीमित टोकन की बात कहकर लौटा दिया गया। इसके बाद महेश के पीछे लाइन में खड़े 6-7 युवाओं को भी वापस लौटना पड़ा।
मैं रानीपोखरी से आया हूं। सुबह 9:45 बजे से कार्यालय पहुंच गया था। एक बजे नंबर आया। पिछली बार भी आया था, लेकिन पंजीयन नहीं हो पाया था।
- सुमित पुंडीर, रानीपोखरी
टोकन सिस्टम से लोगों को दिक्कत हो रही है। मैं पिछली बार आया तो टोकन खत्म बताकर लौटा दिया। आज काम हो पाया।
- प्रवीन मिश्रा, डांडी
आवेदन से वंचित होने का खतरा
सेवायोजन कार्यालय पहुंचे मुकेश कुमार ने कहा कि वह हाईकोर्ट में निकली भर्ती के लिए आवेदन करना चाहते हैं, लेकिन उनका सेवायोजन पंजीयन नहीं है। पंजीयन के लिए दूसरी बार आना पड़ा है। आज पंजीयन स्लिप लेने आए हैं।