शुरुआत में उन्होंने इस एप पर मौजूद बैंक खाते में गत 17 मार्च को अपनी पत्नी के खाते से 50 हजार रुपये जमा किए। इस रकम से कई शेयर खरीदे गए। इसका कुछ ही देर में 10 हजार रुपये लाभ भी एप पर दर्शाया गया। यह देखकर उन्हें और ज्यादा विश्वास आ गया। इसके बाद पीड़ित ने 50 हजार रुपये और जमा कर दिए। इनसे भी कथित रूप से शेयर खरीदे गए। इसके अगले दिन यह रकम बढ़कर डेढ़ लाख रुपये दर्शाई गई। लालचवश उन्होंने और भी रकम जमा कर दी। पीड़ित ने अपनी लाभ की रकम निकालनी चाही तो इस पर तमाम तरह की शर्तें दर्शाई गई।
मसलन आप पांच लाख रुपये से कम का भुगतान नहीं ले सकते। इस तरह जब उनका लाभ और मूल रकम 10 लाख रुपये से भी ज्यादा हो गई तो उन्होंने फिर निकालने का प्रयास किया। अब फिर निकालने की सीमा को बढ़ा दिया गया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उन्होंने इस तरह एप पर मौजूद खातों में एनईएफटी, आरटीजीएस व अन्य माध्यमों से 1.17 करोड़ रुपये जमा कर दिए। गत चार अप्रैल तक यह रकम जमा कराई गई। सीओ साइबर अंकुश मिश्रा ने बताया कि ममाले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।