सीसीटीवी फुटेज ने सुलझाई गुत्थी
शव 22 सितंबर की सुबह बसंत विहार के पीतांबरपुर मजार के पास जंगल में एक सफेद कट्टे में मिला था। शिनाख्त स्मिथनगर, प्रेमनगर की रहने वाली 20 वर्षीय विशाखा के तौर पर हुई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मृतका के परिजनों से पूछताछ की। यह बात सामने आई कि विशाखा और उसके बड़े भाई विशाल का विवाद रहता था। परिजनों ने भी विशाल पर हत्या का शक जताया। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने विशाखा के घर के पास लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किए जिसमें 21-22 सितंबर की रात को दो युवक एक मोटरसाइकिल पर सफेद बोरा ले जाते दिखे। जांच में साफ हो गया कि ये विशाल और राजा हैं। पुलिस ने तुरंत राजा को हिरासत में लिया तब तक विशाल फरार हो चुका था। बिजनौर के जलालपुर में रहने वाले राजा से पूछताछ में घटनाक्रम का खुलासा हो गया।
कमरा खाली करने से डरा, जेल जाने से नहीं
विशाल के घर किराये पर रहने वाला राजा हत्या जैसे संगीन अपराध में क्यों भागीदार बना? इस सवाल पर बसंत विहार थाने के एसएसआई दुर्गेश कोठियाल ने बताया कि राजा ने शुरुआती पूछताछ में बताया कि 21 सितंबर की रात विशाल ने विशाखा के साथ मारपीट की तो वह सुलफा (एक प्रकार का नशा) के नशे में था। यह बात खुद विशाल ने उसे बताई। वह नशे का आदी भी था। देर रात करीब एक बजे विशाल उसके कमरे में बदहवास हालत में आया था। उससे कुछ काम होने की बात कहकर अपने कमरे में ले गया। वहां विशाखा फर्श पर मृत अवस्था में पड़ी थी। उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे।
विशाल ने राजा को बताया कि उसने मारपीट कर उसकी हत्या कर दी है। अब शव को ठिकाने लगाना है। राजा ने विशाल को कोसा कि यह उसने क्या किया तो विशाल ने उसे दोस्ती का वास्ता दिया और धमकाया कि अगर साथ नहीं देगा तो सुबह कमरा खाली करवा देगा। इसके बाद दोनों ने मिलकर शव को एक सफेद बोरे में डाला और विशाल की मोटरसाइकिल से चाय बागान के जंगल में फेंक दिया। एसएसआई ने कहा कि यह आरोपी का शुरुआती बयान है। इस पर आगे की जांच जारी है। हो सकता है कि कुछ और वजह भी सामने आए।