आरोप है कि बच्ची से लगातार पिछले दो सालों से बाल श्रम कराया जा रहा था, हालांकि पूछताछ में बच्ची ने बताया कि वह पिछले एक साल से यहां है। बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी के मुताबिक आरोपी का कहना है कि बच्ची उसके रिश्तेदार की बेटी है। जबकि पता चला है कि बच्ची आरोपी के गांव की है।
बच्ची कुमाऊं मंडल के एक गांव की रहने वाली है। बाल आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक सुरेश उनियाल की ओर से आरोपी संयुक्त सचिव के खिलाफ बसंत विहार थाने में बाल श्रम एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। बच्ची को बरामद करने वाली टीम में श्रम निरीक्षक पिंकी टम्टा, उप निरीक्षक वाईए यादव, दीपिका, केएन असवाल आदि शामिल रहे।
बाल श्रम का आरोप झूठा है। बच्ची मेरे दूर के रिश्तेदार की बेटी है जो पढ़ाई के लिए यहां आई हुई है। वह सरकारी स्कूल में पढ़ती है। - प्रेम प्रकाश आर्य, अनु सचिव