बताया कि उनके यहां दूध का दाम बाजार की तुलना में थोड़ा कम रखा गया है। साहीवाल का दूध बाजार में 85 रुपये प्रति किलो मिलता है, लेकिन वह 75 रुपये देते हैं। ऐसे ही एचएफ के दूध का दाम दो रुपये कम 58 रुपये प्रति किलो रखा है। श्वेता ने कहा कि उनके पति शोभित अग्रवाल उनका पूरा सहयोग करते हैं। सृष्टि ने कहा कि उनके पति विनय काला ने उन्हें हर समय प्रेरित किया है।
प्लास्टिक पैकिंग का बहिष्कार कर जगा रहीं पर्यावरण संराक्षण की अलख
सामान्य तौर पर बाजार में दूध प्लास्टिक की पैकिंग में मिलता है, जो व्यवसाय की दृष्टि से किफायती साबित होता है, लेकिन श्वेता और सृष्टि प्लास्टिक पैकिंग का बहिष्कार कर पर्यावरण संरक्षण की अलख जगा रही हैं। वह ग्राहक को कांच की बोतल में दूध बेचती हैं। ग्राहक को दूध ले जाने के बाद बोतल वापस करनी होती है।
22 कर्मचारियों को भी मिला रोजगार
दोनों महिला उद्यमियों के इस पेशे में 22 कर्मचारियों को भी रोजगार मिला है, जो गायों की देखभाल के साथ ही दुग्ध उत्पादन और डिलीवरी करने का काम संभालते हैं।
‘गो सेवा में आता है आनंद’
सृष्टि और श्वेता ने कहा कि यह स्वरोजागर बिल्कुल अलग है। इसमें आपको आर्थिकी के साथ ही गो सेवा का भी मौका मिलता है। कहा कि वे गायों को सिर्फ आय का साधन नहीं समझतीं। बल्कि, गायों की माता के रूप में सेवा करती हैं। उनके रहने और खाने की विशेष व्यवस्था की जाती हैं। कर्मचारी भी पूरे मन से सेवा में लगे रहते हैं।