डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने कहा कि अवैध वसूली का मामला गंभीर है। इसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि दूसरे पुलिसकर्मी इससे सबक ले सकें। विवेचक को पीड़ित के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ड्यूटी पर शराब पी तो सस्पेंड, वसूली पर जेल
यदि कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी पर नशे में मिलता है तो तत्काल उसे निलंबित करने की रिपोर्ट दी जाए। इसके अलावा अवैध वसूली में संबंधित पुलिसकर्मी को जेल जाना जाना होगा। डीआईजी अरुण मोहन जोशी की यह चेतावनी पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल की गई है। थाना प्रभारियों ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को लिखा पढ़ी में ये संदेश दिया है।
दरअसल, जौलीग्रांट के सिपाहियों पर अवैध वसूली के आरोप लगने के बाद डीआईजी ने थाना प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा था कि यदि भविष्य में इसका पुनरावृत्ति होती है तो उनकी भी जिम्मेदारी फिक्स की जाएगी। यही वजह है थाना प्रभारियों ने पुलिसकर्मियों को लिखित में डीआईजी का ये आदेश जारी करना पड़ा।