नगर निगम की ओर से व्यापारियों पर लाइसेंस शुल्क लगाने की घोषणा के बाद इनमें आक्रोश फैल गया है। शनिवार को दून उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर सैकड़ों व्यापारियों ने बैठक कर इसका विरोध किया और सोमवार को निगम में प्रदर्शन कर एलान किया। चेतावनी दी यदि इसके बाद भी निगम ने लाइसेंस शुल्क रद्द नहीं किया तो अगले सोमवार को दून बंद किया जाएगा।
विदित है कि नगर निगम की ओर से नगर निगम क्षेत्र में आने वाले सभी व्यापारियों सब्जी, फल, दूध, जनरल स्टोर, रिटेल, हॉल सेल, होटल, चाय की दुकान सहित सभी प्रकार के व्यापारियों पर लाइसेंस शुल्क लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। यह शुल्क प्रतिशत न्यूनतम 5000 से अधिकतम 80,000 रुपये तक वसूला जाना हैं। इस भारी-भरकम शुल्क से व्यापारियों में आक्रोश है।
इस संबंध में मेयर से मुलाकात भी की, लेकिन अभी तक व्यापारियों को कोई आश्वासन नहीं मिला। लिहाजा शनिवार को दून उद्योग व्यापार मंडल ने राजा रोड स्थित गीता भवन में बैठक आयोजित की। इसमें बड़ी संख्या में व्यापार संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और एक स्वर से नगर निगम की ओर से थोपे जाने वाले लाइसेंस शुल्क का विरोध किया।
दून व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया ने कहा कि व्यापारियों से आज तक इस प्रकार का कोई शुल्क नहीं लगता था लेकिन अब नया लाइसेंस शुल्क लगाया जा रहा है। वैसे ही मॉल, ऑनलाइन शॉपिंग के कारण व्यापारी घाटे में हैं। महामंत्री सुनील मैसोन ने कहा कि इस संबंध में एक प्रतिनिधिमंडल मेयर से मिला था, उन्होंने कहा था कि आपत्ति मिले तो इसे वापस लिया जाएगा, लेकिन आयुक्त ने कहा कि यह लागू होकर रहेगा।
बैठक को डीडी अरोड़ा, बृज लाल, दीपक गुप्ता, किशन, गुरुभेज सिंह, गिरी अरोड़ा, सुशील अग्रवाल आदि ने भी कहा कि निगम ने हाउस टैक्स चार-पांच गुना बढ़ा दिया है। बावजूद इसके सुविधाओं में कोई इजाफा नहीं हुआ है। फिर यह शुल्क क्यों लिया जा रहा है? बैठक तय हुआ कि इस संबंध में सोमवार को नगर निगम में प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी अगर कोई नए शुल्क को रद करने की घोषणा नहीं होती तो अगले सोमवार को दून बंद कर विरोध जताया जाएगा। इस दौरान बड़ी बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
व्यापारियों के साथ अन्याय हो रहा है। मंदी, मॉल, ऑनलाइन व्यवसाय के कारण पहले ही व्यापारी पस्त हैं। ऊ पर से नगर निगम की ओर से उन पर भारी शुल्क थोपने की तैयारी की जा रही है। इससे व्यापारियों पर अनावश्यक बोझ बढ़ेगा। नगर निगम इस प्रस्ताव को तत्काल वापस लें।
-विपिन नागलिया, अध्यक्ष दून व्यापार मंडल
व्यापारी सुबह से शाम तक अपने दुकान में मेहनत करता है। लेकिन नगर निगम भारी-भरकम शुल्क लगाकर इस मेहनत पर निगाह गढ़ाए हुए हैं। लाइसेंस शुल्क किसी भी हाल में बर्दास्त नहीं किया जाएगा। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
-सिद्धार्थ अग्रवाल व्यापारी नेता
व्यापारी पहले से नगर निगम को कॉमर्शियल टैक्स दे रहे हैं। इसके अलावा अन्य टैक्स भी दे रहे हैं, लेकिन टैक्स के ऊपर टैक्स लगाना उत्पीड़न है। अगर यह शुल्क लगाया तो परेशानी और बढ़ जाएगी। निगम को इस फैसले को तुरंत रदद कर देना चाहिए। -
सुनील मैसोन, सचिव दून उद्योग व्यापार मंडल
जब जीएसटी लगाया था तब सरकार ने बताया था कि सभी प्रकार के टैक्स इसके बाद खत्म हो जाऐंगे, लेकिन अब टैक्स के ऊपर टैक्स लगाए जा रहे हैं। आज भी व्यापारी इनकम टैक्स, जीएसटी, हाउस टैक्स, बिजली, पानी सीवर का टैक्स दे रहा है। अब निगम लाइसेंस शुल्क की बात कर रहा है।
-कुलभूषण अग्रवाल, व्यापारी नेता