राजधानी देहरादून में इस साल फलों के राजा का कारोबार रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। बाजार में केवल दूसरी किस्म का आम ही बिक रहा है। मंडियों में आम की सबसे ज्यादा सप्लाई मलिहाबाद से होती है। मलिहाबाद से कई किस्मों का आम दून के बाजारों तक पहुंचता है।
इसके अलावा महाराष्ट्र से अलफांसो, आंध्र प्रदेश से सिंदूरी सफेदा जैसे आम आते हैं लेकिन जिला प्रशासन ने इस वर्ष बाहर से फल सब्जियों की आवक पर रोक लगाई हुई है, जिससे दूनवासियों को इन किस्मों के आम नहीं मिल पा रहे हैं। यहां दशहरी, चौंसा और लंगड़ा आम ही बिक रहा है। यहां ज्यादातर आम विकासनगर, हर्रावाला व डोईवाला क्षेत्रों से आ रहा है। पिछले वर्षों तक आम 100 रुपये किलो तक भी बिकता रह है लेकिन इस वर्ष ज्यादातर आम 50 से 80 रुपये किलो के बीच ही बिक रहा है।
मंडी समिति देहरादून के सचिव विजय थपलियाल ने बताया कि बाजार में इस वर्ष डिमांड भी काफी कम है। लोकल में आम की अच्छी पैदावार हुई है, जिसके कारण सप्लाई काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि थोक में ज्यादातर आम 35 से 40 रुपये किलो बिक रहा है जबकि बाजार भाव 50 से 80 रुपये किलो के बीच में है। उन्होंने बताया कि संदूरी और सफेदा का सीजन खत्म हो चुका है। बाकी अन्य आम की आपूर्ति भी पाबंदियों के चलते नहीं हो रही है।